उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा 1076 है...इस हेल्पलाइन को लीड में रख करके उत्तर प्रदेश सरकार लोगों की फरियाद सुनकर मदद का दावा करती है। कहा जाता है कि इस हेल्पलाइन पर आपको तुरंत मदद मिलेगी। लेकिन, इस हेल्पलाइन में सेवा देने वाले महिला व पुरुष कर्मचारी कितना प्रताड़ित है आप खुद उनकी जुबानी सुन लीजिए। आज इन कर्मचारियों को कमता चौराहे से उठाकर इको गार्डन भेजा गया है। कर्मचारी कमता स्थित अवध बस अड्डे पर इकट्ठा होकर प्रदर्शन करने जा रहे थे, तभी उनको पुलिस ने हिरासत में लेकर इको गार्डन भेजा है। 18000 पर नियुक्ति की गई और दिए जा रहे हैं 7000, यह महिलाओं का शोषण नहीं तो क्या है? कर्मचारियों का कहना है कि वे कोई गलत काम नहीं कर रहे, बल्कि सिर्फ अपने हक की मांग उठा रहे हैं। उनका कहना है अगर हमें 18000 में भर्ती किया गया था, तो 7 से 8 हजार क्यों दिए जा रहे हैं? हम सिर्फ अपना हक मांग रहे हैं, लेकिन हमारी बात सुनने के बजाय दबाव बनाया जा रहा है। कर्मचारियों के मुताबिक, पिछले चार महीनों से उनका वेतन बकाया है। लगातार काम लेने के बावजूद भुगतान न होने से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होने पर कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता चुना। आज इको गार्डन पार्क से जब कर्मचारियों ने निकलने का प्रयास किया तो पुलिस ने बैरिकेडिंग के सहारे उन्हें रोका।