ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने लखनऊ के आशियाना में आयोजित धार्मिक सभा को संबोधित करते हुए कहा राज्य में गौ-रक्षा अभियानों से जुड़े कार्यकर्ताओं और संतों पर हो रही पुलिस कार्रवाई पर दुख और विरोध व्यक्त जताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जो लोग गौ-माता की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं, उन्हें पुलिस प्रशासन द्वारा प्रताड़ित और नजरबंद (हाउस अरेस्ट) किया जा रहा है। शंकराचार्य ने कौशांबी का उदाहरण देते हुए बताया कि देर रात पुलिस कर्मियों द्वारा गौ-रक्षकों के घरों पर दबिश दी जा रही है और उन्हें अभियानों से हटने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब उत्तर प्रदेश में धार्मिक संतों और धर्माचार्यों को गौ-रक्षा की बात करने का भी अधिकार नहीं रह गया है। उन्होंने स्थिति की तुलना पौराणिक काल के कंस और रावण के अत्याचारों से करते हुए कहा कि प्रशासन का यह रवैया अत्यंत निराशाजनक है।