हजरतगंज नरही स्थित सरकार की ओर से सहायता प्राप्त 90 साल पुराना विद्या गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल छात्राओं को फिर वापस मिलेगा। विद्यालय पर कब्जा होने के बाद अमर उजाला की ओर से इस मुद्दे को लगातार प्रमुखता से उठाया गया। जिसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से सोमवार को एडीएम कोर्ट में साक्ष्य प्रस्तुत किए गए तब एडीएम ने विपक्षी पार्टी के पक्ष का आदेश निरस्त कर दिया। आदेश की कॉपी मिलते ही विद्यालय खुलवाने पहुंची प्रबंधक संतोष रस्तोगी ने जब उसी पलिस से मदद मांगी जिस पुलिस ने पहले दिन कब्जा कराया था तो मौके पर मदद नहीं मिली। पुलिसकर्मियों ने कैमरे पर कहा हम ताला तब तक नहीं खुलवा सकते हैं जब तक पुलिस शुल्क नहीं जमा किया जाएगा। इस पर प्रबंधक बार-बार पूछती रहीं कि पुलिस शुल्क कहां जमा होगा पुलिस कर्मी की ओर से गोलमोल जवाब दिया गया। वहीं मौके पर मौजूद माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के पदाधिकारियों ने एडीएम के आदेश और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एडीएम को कब्जे का पहला आदेश जारी करने से पहले शिक्षा विभाग को सूचित करना चाहिए था। शिक्षक नेताओं ने कहा कि आज आदेश फिर विद्यालय खुलने का आदेश जारी किया गया है तो वही पुलिस एडीएम का आदेश न मानकार नियम कानून समझा रही है। बता दें कि बीते बृहस्पतिवार को एडीएम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए पुलिस की मौजूदगी में विद्यालय को दिन दहाड़े खाली करवा दिया गया था, इस दौरान हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह का कहना था कि पुलिस को कोर्ट से जो आदेश मिला है उसी का पालन किया गया। इस विद्यालय में 250 छात्राएं पढ़ती हैं। छात्राओं को जब विद्यालय पर कब्जे की जानकारी मिली तो वह अपने अभिभावकों के साथ धरने पर भी बैठी।