झांसी। चेहल्लुम के अवसर पर मंगलवार को शहर में अकीदतमंदों ने परंपरागत ढंग से ताजिए और बुर्राक के जुलूस निकाले। जुलूस विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए निर्धारित स्थानों तक पहुंचे, जहां लोगों ने श्रद्धा और सम्मान के साथ उन्हें विदाई दी। जुलूस के दौरान विभिन्न अखाड़ों के कलाकारों ने तलवारबाजी, लाठी, बनैती और अन्य पारंपरिक युद्ध कलाओं के हैरतअंगेज प्रदर्शन किए। कलाकारों के करतब देखने के लिए मार्गों पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी रही। युवाओं और बच्चों में भी इन प्रदर्शनों को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। जुलूस के दौरान या हुसैन की सदाओं के बीच अकीदतमंद मातम करते हुए आगे बढ़े। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया तथा पेयजल और शर्बत की व्यवस्था भी की गई। चेहल्लुम के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने स्वयं विभिन्न मार्गों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया, जिससे जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।