हनुमानगढ़ जिले में 31 अगस्त और एक सितंबर को हुई मूसलाधार बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं। हनुमानगढ़ के मक्कासर, जंक्शन के 10 एमओडी, नोहर के फेफाना, टाउन के पारीक कॉलोनी, आईटीआई बस्ती और 2 केएनजे ग्राम पंचायत के ग्रामीणों की पीड़ा इस तरह जुबान पर आ रही है। मक्कासर में हुई तेज बारिश के बाद हालात ऐसे बने कि करीब 80 से ज्यादा परिवारों के करीब 325 लोगों को अपने ही घरों से बेघर होना पड़ा। किसी का मकान गिर गया, किसी के आंगन में पानी भर गया, तो किसी का राशन पानी में बह गया। हालात इतने खराब हो गए कि ग्राम पंचायत को स्कूल, पंचायत भवन और स्वास्थ्य केंद्रों को राहत शिविरों में तब्दील करना पड़ा। बारिश थम गई है, लेकिन परेशानी अभी जारी है। लोग अपने उजड़े आशियानों को देखकर रो रहे हैं। एक-एक रुपया जोड़कर बनाए गए घर अब मलबा बन चुके हैं। ऐसा ही मंजर 10 एमओडी का भी है, जहां पर 10 से अधिक घर तबाह हो गए हैं। नोहर के फेफाना, टाउन के पारीक कॉलोनी, आईटीआई बस्ती और 2 केएनजे ग्राम पंचायत में अभी भी बारिश का पानी जमा है।