झारखंड में रांची के भगवान बिरसा जैविक उद्यान ने अपने बाड़े में एशियाई शेरों और मगरमच्छों की एक-एक जोड़ी को शामिल किया है जो आगंतुकों और वन्यजीव प्रेमियों को आकर्षित कर रहा है। चिड़ियाघर के अधिकारियों के अनुसार, ये नए जानवर रायपुर के नंदनवन सफारी से लाए गए हैं जो पशु विनिमय कार्यक्रम का हिस्सा हैं। भगवान बिरसा जैविक उद्यान के डायरेक्टर जब्बार सिंह ने कहा कि, एक एशियाई शेर का जोड़ा था, जिसकी पौढ़ावस्था के कारण से मृत्यु हो गई थी। फलस्वरूप हमारे पास कोई भी एशियाई शेर नहीं थे, इस वजह से हमने रायपुर नंदनवन सफारी के साथ में वन्यप्राणी आदान प्रदान का कार्यक्रम किया। उनके साथ समझौता किया। बदले में वो हमसे जानवर लेंगे और उनसे जानवर लाने में हम एक जोड़ा एशिया शेर और एक जोड़ा मगरमच्छ है। जो शेर लाया गया है उसमें नर का नाम है अभय और मादा का नाम है शबरी। जैविक उद्यान के अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में अभी और भी विदेशी जानवरों को लाने की योजना पर काम चल रहा है ताकि चिड़ियाघर में आने वाले आगंतुकों को नए नए वन्यजीवों को देखने का मौका मिल सके। प्रधान मुख्य वन संरक्षक अशोक कुमार ने कहा कि, इससे यहां के लोगों को बहुत अच्छा फील होगा और यहां आने वाले आगंतुकों को भी अच्छा अनुभव प्राप्त होगा और जू के लिए भी बहुत गर्व की बात है। जेब्रा बहुत जल्दी हो सकता है कि एक दो महीने के अंदर आ जाए। हम पूरी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं आपको जल्दी ही खुशखबरी मिलेगी। 104 हेक्टेयर में फैले साल के जंगल में भगवान बिरसा जैविक उद्यान में 91 प्रजातियों के लगभग 1,500 जानवर रहते हैं। और अब उद्यान के अधिकारी यहां पर अलग अलग प्रजाति के जानवरों की संख्या बढ़ाने और उनके रहने की समुचित व्यवस्था करने की लगातार कोशिशों में जुटे हैं।