समाज में महिलाओं को सशक्त बनाए जाने की शुरुआत घर से होनी चाहिए। बेटे-बेटी में जिम्मेदारी बांटने की आदत माता -पिता बचपन से डालें तब जाकर यही बेटे व बेटियां बड़े होने पर अपनी सामाजिक व पारिवारिक जिम्मेदारियों को सही से निभा सकेंगे। मौजूदा दौर में घर व बाहर बदल रही कार्यशैली के बीच महिलाओं की भूमिका बदली है इसलिए उनकी जिम्मेदारियों को बांटने की जरूरत है। यह निष्कर्ष रहा सोमवार को आयोजित अमर उजाला संवाद में चर्चा का।