रियासी के सलाल पावर स्टेशन में काम पूरी तरह ठप हो गया है अस्थाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आज से धरने पर बैठ गए हैं और अब उन्होंने साफ ऐलान कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं होगा, तब तक सलाल पावर प्रोजेक्ट में कोई काम नहीं होगा। सलाल पावर स्टेशन जम्मू-कश्मीर की सबसे अहम बिजली परियोजनाओं में से एक है, जो करीब 690 मेगावॉट बिजली पैदा करता है। वर्करों की हड़ताल के चलते यहां उत्पादन ठप होने का खतरा मंडरा रहा है। यदि संकट जल्द नहीं टला तो जम्मू-कश्मीर समेत उत्तरी भारत के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। धरने पर बैठे वर्करों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से नियमित करने, और अन्य सुविधाओं को लेकर बार-बार आश्वासन दिया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन अब उन्होंने काम रोककर संघर्ष तेज कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर इतना बड़ा प्रोजेक्ट बंद हुआ तो न सिर्फ बिजली संकट गहराएगा बल्कि इलाके के सैकड़ों परिवारों की रोज़ी-रोटी पर भी असर पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और एनएचपीसी प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि जल्द से जल्द वर्करों की जायज़ मांगों पर समाधान निकाला जाए ताकि बिजली उत्पादन फिर से पटरी पर लौट सके। सलाल पावर स्टेशन की मशीनें थमीं तो पूरे क्षेत्र की रोशनी पर अंधेरा छा सकता है इसी वजह से यह हड़ताल अब बिजली संकट की बड़ी चेतावनी बन गई है।