जम्मू के झिड़ी क्षेत्र में 4 नवंबर से शुरू होने जा रहा पारंपरिक झिड़ी मेला इस बार पहले से भी भव्य और विशाल रूप में आयोजित किया जाएगा। यह मेला हर साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगता है और उत्तर भारत के सबसे बड़े मेलों में से एक माना जाता है। इस वर्ष मेले का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे।
उद्घाटन के अवसर पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा समुदायिक सराय और चार आधुनिक बस स्टैंड का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही वे प्रदेश के छह प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी करेंगे। यह सम्मान कृषि क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को प्रेरित करने के उद्देश्य से दिया जाएगा।
मेले में इस बार देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और किसानों की भारी भीड़ रहने की उम्मीद है। प्रशासन के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों से लगभग 18 से 20 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। पिछले वर्ष यह संख्या लगभग 17-18 लाख रही थी।
मेले का धार्मिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टियों से बड़ा महत्व है। झिड़ी मंदिर परिसर और आसपास का इलाका पूरी तरह सजाया जा रहा है। मेले में श्रद्धालुओं के लिए झूले, मौत का कुआं, और अन्य रोमांचक मनोरंजन साधनों की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही स्थानीय व्यंजनों और पारंपरिक खानपान से सजे फूड जोन मेले का प्रमुख आकर्षण होंगे।
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिवहन, सुरक्षा और स्वच्छता की व्यापक व्यवस्था की गई है। उम्मीद की जा रही है कि यह मेला न सिर्फ श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक बनेगा, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपरा को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।