शोपियां जिले के मोंशवाड़ा गांव में 2007 में शुरू की गई सिंचाई योजना 15 साल बाद भी ठप पड़ी है, जिससे सैकड़ों कनाल सेब के बागान पानी के बिना सूखने की कगार पर हैं। करीब 3 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद यह परियोजना केवल एक बार परीक्षण के लिए चालू हुई और फिर बंद कर दी गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान और आजीविका संकट का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने इसे सरकारी उपेक्षा और विकास घोटाले का नाम देते हुए उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच की मांग की है।