एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन में इन दिनों रंगबिरंगे फूलों की बहार के साथ सैलानियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। कश्मीर की खूबसूरती का दीदार करने देश विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। गार्डन में खिले लाखों ट्यूलिप और आसपास के प्राकृतिक नजारों ने हर किसी का दिल जीत लिया है। फ्लोरीकल्चर विभाग के अनुसार पिछले 18 दिनों में करीब 2 लाख 25 हजार सैलानी ट्यूलिप गार्डन का दीदार कर चुके हैं। इनमें 1 लाख 19 हजार स्थानीय पर्यटक, 1 लाख 6 हजार देश के अन्य हिस्सों से आए और करीब 600 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। इस वर्ष गार्डन में कुल 75 किस्मों के लगभग 18 लाख ट्यूलिप लगाए गए हैं। हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस बार फुटफॉल थोड़ा कम रहा है लेकिन आने वाले दिनों में इसके बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल रोजाना 9 से 10 हजार गैर स्थानिय सैलानी गार्डन का रुख कर रहे हैं, जबकि स्थानीय लोगों की भी अच्छी खासी हजारों की संख्या में भीड़ देखने को मिल रही है। सैलानियों की सुविधा के लिए गार्डन में बेहतर इंतजाम किए गए हैं। यहां पीने के साफ पानी की व्यवस्था, वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुफ्त व्हीलचेयर, सेल्फी प्वाइंट्स और हैंडीक्राफ्ट के करीब 25 स्टॉल लगाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो अगले 10 से 12 दिनों तक गार्डन सैलानियों के लिए खुला रहेगा। पर्यटकों की प्रतिक्रियाएं राजस्थान के अलवर से आए एक पर्यटक सुनील ने बात करते हुए कहा। पहली बार कश्मीर आया हूं और पूरा परिवार साथ है। गुलमर्ग, सोनमर्ग और डल झील में शिकारा सवारी का भी लुत्फ उठाया। ट्यूलिप गार्डन आकर बहुत अच्छा लगा। यहां का नजारा वाकई अद्भुत है। मैं देश के लोगों से कहना चाहूंगा कि जिंदगी में एक बार कश्मीर जरूर आएं, यह सच में जन्नत है। एक विदेशी पर्यटक जो लंदन से आए थे ने कहा। अब तक सिर्फ सुना था कि धरती पर भी जन्नत है, लेकिन कश्मीर आकर यकीन हो गया। खासकर ट्यूलिप गार्डन ने दिल जीत लिया। यहां का मौसम, पहाड़, फूल और लोगों की मेहमाननवाजी सब कुछ शानदार है। दिल्ली से आई वेदांशी ने कहा। ट्यूलिप गार्डन आकर एक अलग ही सुकून महसूस हुआ। कई जगह घूमी हूं लेकिन कश्मीर जैसी खूबसूरती कहीं नहीं देखी। यहां की वादियां और फूल बार बार देखने का मन करता है। वेदांशी के साथ आई उनकी मां ने कहा। हम यहां पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कोई डर या परेशानी नहीं है। लोगों को बिना किसी डर के कश्मीर आना चाहिए। यहां के लोग बेहद अच्छे हैं। गुजरात के सूरत से आई एक अन्य पर्यटक साजिदा ने कहा। हम 17 लोगों का ग्रुप लेकर आए हैं। पहले डर था लेकिन यहां आकर सब गलतफहमियां दूर हो गईं। कश्मीर वाकई बेहद खूबसूरत है और लोग बहुत मददगार हैं। गार्डन के बारे में जानकारी देते हुए असिस्टेंट फ्लोरीकल्चर अधिकारी इरफान मीर ने कहा। आने वाले दिनों में फुटफॉल बढ़ने की उम्मीद है। अगर मौसम अनुकूल रहा तो गार्डन अगले 10 से 12 दिनों तक खुला रहेगा।