नागरिकता (संशोधन) बिल को जनवरी 2019 में लोकसभा में पास कर दिया गया था लेकिन राज्यसभा में यह पास नहीं हो सका था। अब जब संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है। ऐसे में देखना होगा कि क्या शिवसेना और कुछ रूठे सहयोगियों के चलते एनडीए इस बिल को राज्यसभा में पास करवा पाएगी। वहीं अभी तक इस बिल पर एनडीए का साथ दे रही शिवसेना के लिए अबके हालात राज्यसभा में बेहद जुदा हैं।