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गोवा नाइटक्लब अग्निकांड के बाद आरोपी सौरभ और गौरव लूथरा कहां भागे?

Tue, 09 Dec 2025 02:23 AM IST
आदर्श अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

गोवा के अरपोरा में स्थित बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में लगी भीषण आग में 25 लोगों की मौत के बाद जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। घटना के बाद से ही पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है और अब जांच अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुकी है। दरअसल, पुलिस के अनुसार आग की रात ही क्लब से जुड़े दो मुख्य आरोपी – गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा – देश से भाग चुके हैं। यह जानकारी मिलने के बाद गोवा पुलिस ने इंटरपोल की सहायता लेना शुरू कर दिया है। वहीं एक अन्य आरोपी भारत कोहली को दिल्ली से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर गोवा लाया गया है।

पुलिस की प्राथमिक जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। आग रात लगभग 12 बजे के करीब लगी थी, लेकिन सुबह 5:30 बजे ही दोनों आरोपी मुंबई एयरपोर्ट से फुकेट (थाईलैंड) के लिए उड़ान ले चुके थे। पुलिस का कहना है कि यह स्पष्ट रूप से जांच से बचने की नीयत को दर्शाता है। FIR दर्ज होते ही गोवा पुलिस की एक टीम दिल्ली भेजी गई थी। आरोपियों के घर पर रेड की गई, जहां वे नहीं मिले। घर पर नोटिस चिपकाकर पुलिस ने स्थानीय स्तर पर भी खोज शुरू कर दी।

इसके बाद जब यह पुष्टि हुई कि दोनों देश से बाहर निकल चुके हैं, तो गोवा पुलिस ने तुरंत मुंबई इमिग्रेशन ब्यूरो से समन्वय किया और फिर CBI के इंटरपोल डिवीजन की मदद से रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

तीसरे आरोपी भारत कोहली को दिल्ली से हिरासत में लेकर गोवा पुलिस अपने साथ ले आई है। उससे लंबी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ से भागे हुए आरोपियों की भूमिका और आग से पहले की घटनाओं को समझने में मदद मिल सकती है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी 25 मृतकों का पोस्टमार्टम पूरा कर शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। गोवा पुलिस की कई टीमें सबूत जुटाने, गवाहों के बयान लेने और तकनीकी जांच पर लगातार काम कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार- “हादसा बेहद गंभीर है, इसलिए बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है।”


इस हादसे के बाद सरकार हरकत में आ गई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने गोवा के सभी नाइटक्लब, बार, रेस्तरां, इवेंट वेन्यू और ऐसे सभी प्रतिष्ठानों को सात दिनों के भीतर आंतरिक सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश दिया है। यह रिपोर्ट जिला प्रशासन या फायर सर्विसेज कभी भी मांग सकती हैं।

सरकार ने कड़ी चेतावनी जारी की है- “सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर लाइसेंस रद्द, प्रतिष्ठान सील और कानूनी कार्रवाई होगी।”

नई एडवाइजरी के अनुसार:
    •    हर प्रतिष्ठान में अधिकतम क्षमता का बोर्ड स्पष्ट रूप से लगाया जाए।
    •    निर्धारित सीमा से अधिक भीड़ बिल्कुल भी न बढ़ने दी जाए।
    •    सभी अलार्म, स्मोक/हीट डिटेक्टर, स्प्रिंकलर, फायर एक्सटिंग्विशर पूरी तरह कार्यशील हों।
    •    आपातकालीन निकास हमेशा खुले, रोशन और बाधारहित हों।
    •    हर शिफ्ट में एक फायर सेफ्टी अधिकारी अनिवार्य होगा।
    •    समय-समय पर निकासी ड्रिल की जाए।

सरकार का कहना है कि यह आदेश सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने के लिए अत्यंत आवश्यक कदम है।

जांच में यह सामने आया है कि नाइटक्लब के पास फायर विभाग का NOC नहीं था। लाइसेंस भी अधूरे और संदिग्ध दस्तावेजों पर जारी किया गया था। आग लगने के दौरान क्लब का मुख्य निकास काफी छोटा था और एक संकरा पुल ही बाहर निकलने का रास्ता था, जिसके कारण लोगों की भीड़ बाहर नहीं निकल सकी और मौतों की संख्या बढ़ गई।

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