देहरादून में सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात बादल आफत बनकर बरसे। विभिन्न स्थानों पर नदी में बहने और मलबे में दबने से 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 से अधिक लोग लापता हैं। हालांकि मौठ नदी में दो पुराने शव भी मिले हैं। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात बादल आफत बनकर बरसे। विभिन्न स्थानों पर नदी में बहने और मलबे में दबने से 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 से अधिक लोग लापता हैं। हालांकि मौठ नदी में दो पुराने शव भी मिले हैं। प्रशासन ने 13 की मौत, तीन घायल और 13 लोगों के लापता होने की पुष्टि की है। जिले में 11 नदियां उफान पर आने से 13 पुल क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 62 सड़कें क्षतिग्रस्त होने से बंद हो गईं। हालांकि मौसम विभाग ने कहा है कि देहरादून में बादल नहीं फटा, यानि बादल फटने की घटना से मौसम विभाग ने इनकार किया है। सहस्रधारा के पास बादल फटने से तबाही मच गई। यहां कई संपत्तियां नष्ट हुईं। कई नदियां ऊफान पर आईं तो अपने साथ लोगों को बहाकर ले गई। मालदेवता से ऊपर फुलेट गांव में मकान गिर गया, जिसमें आठ लोग दब गए। शाम तक कुल 17 लोगों के शव अलग-अलग जगह से बरामद हुए।