इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस यानी ICJ ने कुलभूषण जाधव के केस में ऐतिहासिक फैसला देते हुए जाधव कि फांसी की सजा को कोर्ट का आखिरी फैसला आने तक रोक लगा दी। लेकिन पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट के फैसले को मानने से इनकार कर दिया है। अब सवाल ये उठता है अगर पाकिस्तान ऐसा करता है तो फिर ऐसी सूरत में क्या होगा?