पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 2011 से मई 2026 तक के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस बिस्वजीत बसु की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया है। आयोग कई सरकारी विभागों की योजनाओं, खर्च और फैसलों की जांच करेगा।
जांच के दौरान यदि भ्रष्टाचार के ठोस सबूत मिलते हैं तो आयोग एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश भी कर सकेगा। सरकार का दावा है कि जांच निष्पक्ष होगी और इसका उद्देश्य जवाबदेही बढ़ाने के साथ भविष्य में भ्रष्टाचार रोकने के लिए सुधारात्मक सुझाव देना भी है।