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West Bengal Election Result: मतगणना से पहले VVPAT की पर्चियां मिलने से बंगाल में मचा सियासी बवाल!

Mon, 04 May 2026 01:27 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले VVPAT (Voter Verifiable Paper Audit Trail) की पर्चियां मिलने की खबर ने सियासी माहौल को अचानक गरमा दिया है और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बहस तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार, कुछ मतगणना केंद्रों के आसपास या संबंधित परिसरों में VVPAT की पर्चियां मिलने की बात सामने आई, जिससे विपक्षी दलों ने तुरंत सवाल उठाए कि जब तक आधिकारिक रूप से गिनती शुरू नहीं हुई, तब तक ये पर्चियां बाहर कैसे पहुंचीं। VVPAT प्रणाली का उद्देश्य यही होता है कि मतदाता अपने वोट की पुष्टि कर सके और जरूरत पड़ने पर इन पर्चियों के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के परिणामों का मिलान किया जा सके, इसलिए इस तरह की घटना को गंभीर माना जा रहा है। विपक्ष ने इसे चुनावी गड़बड़ी की संभावित निशानी बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है और आरोप लगाया है कि इससे मतगणना की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर, सत्ताधारी दल ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि यह केवल भ्रम और राजनीतिक लाभ के लिए उठाया गया मुद्दा है, जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। इस पूरे विवाद पर भारतीय निर्वाचन आयोग ने भी प्रतिक्रिया दी है और स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान VVPAT और EVM से जुड़ी सुरक्षा के कड़े प्रोटोकॉल होते हैं, जिनका पालन हर स्तर पर किया जाता है। आयोग ने यह भी कहा कि जहां-जहां ऐसी शिकायतें सामने आई हैं, वहां जांच कराई जाएगी और अगर कोई अनियमितता पाई जाती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

नोआपारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने कहा, "29 नंबर बूथ के वीवीपैट का ये पेपर है, जो यहां पर मिला है। इनका ये प्लान है कि पीठासीन अधिकारी की गिरफ्तारी होनी चाहिए। ठीक इसी बूथ पर VVPAT चेक करने की शिकायत की जाएगी। VVPAT चेक करने के नाम पर जब उसमें पेपर नहीं मिलेगा तो उसे रोक दिया जाएगा.ऐसे चुनाव के नतीजे नहीं आएंगे और बाद में उम्मीदवार को हराने की प्लानिंग की जाएगी.पीठासीन अधिकारी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए.

नोआपारा विधानसभा क्षेत्र से CPI(M) उम्मीदवार गार्गी चटर्जी ने कहा, "यह निर्वाचन आयोग नहीं, बल्कि निर्यातन आयोग है। VVPAT पर्चियां यहां पड़ी है, क्या चुनाव आयोग के पास कोई जवाब है? ये हमारी पर्चियां हैं, कुछ भाजपा की और कुछ TMC की.हमें शाम को खबर मिली, हमारे एक कार्यकर्ता ने हमें फोन करके बताया। हमने मुख्य चुनाव अधिकारी को फोन किया, लेकिन उनके पास CPI(M) का फोन उठाने का समय नहीं है। हम जांच की मांग करेंगे। उन्हें हमें दिखाना पड़ेगा कि क्या हुआ है. कौन जानता है उन्होंने क्या किया है. हम अंतिम सांस तक लड़ेंगे

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