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West Bengal Election 2026: मालदा में बंधक बनाने की घटना पर समिक भट्टाचार्य ने CM ममता को जमकर सुनाया

Sun, 05 Apr 2026 03:31 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

 पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मालदा में बंधक बनाने की घटना पर कहा, "इसके पीछे TMC है, पूरी बात सिर्फ़ TMC ने ही रची है। जिसे गिरफ्तार किया गया वह मुख्यमंत्री के मंच पर दिखाई दिया, पूरे पश्चिम बंगाल में TMC की विभाजन की राजनीति पश्चिम बंगाल को पश्चिम बांग्लादेश की ओर ले जा रही है.किसी राज्य की मुख्यमंत्री ने ऐसा बयान नहीं दिया. ममता बनर्जी को अब जनता ने नकार दिया है, वे अब कुछ भी बोल लें TMC सत्ता से जा चुकी है, सत्ता से जाने वाली है। हमें बहुमत मिलेगा

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल उस समय और गरमा गया जब राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मालदा में कथित बंधक बनाए जाने की घटना को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह पूरी घटना सुनियोजित साजिश का हिस्सा है और इसके पीछे सीधे तौर पर TMC का हाथ है। भट्टाचार्य के अनुसार, राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने के लिए इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर उन्हें बंधक बनाया गया, ताकि वे राजनीतिक गतिविधियों में भाग न ले सकें और पार्टी की संगठनात्मक मजबूती को कमजोर किया जा सके। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है और विपक्ष को दबाने के लिए हिंसा और डर का सहारा लिया जा रहा है। वहीं, TMC ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि भाजपा झूठी कहानी गढ़कर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और ऐसी घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय हुआ और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों। इस बीच, इस मुद्दे ने राज्य में राजनीतिक ध्रुवीकरण को और गहरा कर दिया है, जहां दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस तरह के विवाद कोई नई बात नहीं है, लेकिन हर नई घटना राजनीतिक तनाव को और बढ़ा देती है। आम जनता के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चिंता देखी जा रही है, क्योंकि ऐसी घटनाएं कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती हैं। फिलहाल सभी की नजर जांच के नतीजों पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में इस घटना के पीछे क्या कारण थे और जिम्मेदार कौन है।

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