पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले में हाल ही में राजनीतिक तनाव उस समय हिंसा में बदल गया जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थक आमने-सामने आ गए। बताया जा रहा है कि यह विवाद शुरू में स्थानीय स्तर पर किसी छोटे मुद्दे को लेकर हुआ था, लेकिन देखते ही देखते दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस होने लगी। बहस इतनी बढ़ गई कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और दोनों गुटों के समर्थकों ने एक-दूसरे पर हमला करना शुरू कर दिया। इस दौरान लाठी-डंडों और पत्थरों का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है, जिन्हें पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले से ही राजनीतिक तनाव का माहौल बना हुआ था और दोनों दलों के समर्थकों के बीच अक्सर झड़पें होती रहती हैं। घटना के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में करने की कोशिश की। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो सके। प्रशासन ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक नेताओं ने इस घटना पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं पर TMC समर्थकों ने हमला किया, जबकि TMC का कहना है कि भाजपा ने पहले उकसावे की कार्रवाई की थी। इस घटना ने एक बार फिर राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है और पुलिस पूरी तरह सतर्क है।
बारानगर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी उम्मीदवार सायंतिका बनर्जी ने कहा, ".मैं चुनाव प्रचार कर रही थी, और वे बाहर से लोगों को लाए। उन्होंने एक दिव्यांग व्यक्ति को भी पीटा। यही भाजपा की संस्कृति है। उन्हें पता है कि वे चुनाव हारने वाले हैं और इसलिए वे कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।