समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कांवड़ यात्रा पर जा रहे युवाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि बेरोजगारी के कारण बड़ी संख्या में युवा इस धार्मिक यात्रा में हिस्सा ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांवड़ियों के पास काम नहीं है इसलिए इनके पास बहुत समय है. राजीव राय ने इस मुद्दे को राज्य सरकार की नाकामी से जोड़ा और मांग की कि सरकार बेरोजगारों का रजिस्ट्रेशन करवाए. हालांकि विवादित बयान देने के बाद सपा सांसद राजीव ने अपने बयान पर सफाई भी दी है...दरअसल कांवड़िया वाले अपने बयान पर समाजवादी पार्टी के नेता राजीव राय ने कहा, "...मैंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा कि जो कांवड़िया जाते हैं वे सब बेरोजगार हैं। मैंने ये जरूर कहा कि ये लंबी यात्रा होती है और इस यात्रा में बहुत से ऐसे युवा होंगे जो बेरोजगार होंगे और उनको सीएम योगी जी ने नौकरी के लिए इजरायल तक भेज दिया था। मैं योगी जी से अनुरोध करूंगा कि इस यात्रा में जो बेरोजगार है उन्हें वह रोजगार दें, ये सबसे अच्छा आर्शीवाद एक योगी का होगा। मैंने ये नहीं कहा कि जितने भी मंदिर या धार्मिक स्थल पर लोग जाते हैं वो बेरोजगार है, मैं भी तो मंदिर जाता हूं तो मैं क्या बेरोजगार हूं?....ये यात्रा लंबी होती है और जो कामकाजी लोग होते हैं उन्हें उतना फुरसत नहीं होता है इसलिए मुझे लगता है इस यात्रा में ज्यादातर लोग बेरोजगार लोग हिस्सा लेते होंगे। तो उनका आप पंजीकरण कराकर नौकरी का आर्शीवाद दें
राजीव राय, जो घोसी लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं, ने सोमवार को एक बयान में कहा कि कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले कई युवा बेरोजगार हैं और उनके पास समय बिताने का यह एकमात्र तरीका बन गया है. उन्होंने कहा, “जब तक युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा, वे इस तरह की गतिविधियों में भाग लेते रहेंगे. यह सरकार की विफलता का प्रतीक है कि वह नौकरियों पर ध्यान नहीं दे रही.” कांवड़ यात्रा, जो हर साल सावन माह में भगवान शिव के भक्तों द्वारा गंगा जल लाने के लिए आयोजित की जाती है, इस बार 11 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई तक चलेगी. लाखों कांवड़िए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और अन्य राज्यों से होकर गुजरते हैं, लेकिन राय का दावा है कि इस यात्रा में शामिल होने वालों में बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा हैं.