प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सेमीकॉन इंडिया 2025 के उद्घाटन कार्यक्रम में वैश्विक मंच से भारत की आर्थिक मजबूती और तकनीकी क्रांति का संदेश दिया। अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ के बीच पीएम मोदी ने साफ कहा कि “आर्थिक स्वार्थ से पैदा हुई चुनौतियों” के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूती से खड़ी है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत का जीडीपी 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा है, जो न केवल अनुमानों से अधिक है बल्कि वैश्विक आर्थिक संकट की घड़ी में एक सकारात्मक संकेत भी है।
मोदी ने अपने संबोधन में अप्रत्यक्ष तौर पर अमेरिका की व्यापारिक नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं “आर्थिक स्वार्थ” की वजह से चुनौतियों का सामना कर रही हैं, तब भारत उम्मीद और विश्वास की नई कहानी लिख रहा है।
प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि पिछली सदी तेल (ब्लैक गोल्ड) पर आधारित थी, लेकिन 21वीं सदी छोटे-से चिप पर निर्भर है। उन्होंने इसे “डिजिटल डायमंड” बताया और कहा कि यही चिप आने वाले समय में विकास की रफ्तार तय करेगा।
मोदी ने बताया कि 2021 में सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम शुरू हुआ था। इसके बाद 2023 में पहला सेमीकंडक्टर प्लांट स्वीकृत हुआ, 2024 में और प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली और 2025 में पांच अतिरिक्त योजनाओं को हरी झंडी दी गई। अब तक कुल दस प्रोजेक्ट्स में 1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश हो चुका है। उन्होंने इसे भारत में बढ़ते वैश्विक भरोसे का प्रतीक बताया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है, जिसके जरिए केंद्र और राज्यों की सभी मंजूरी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल रही है। इससे निवेशकों का समय और कागजी प्रक्रिया का बोझ दोनों कम हुए हैं।
मोदी ने कहा कि भारत अब बैकएंड वर्क तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि “फुल-स्टैक सेमीकंडक्टर नेशन” बनने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही भारत का सबसे छोटा चिप दुनिया में सबसे बड़ा बदलाव लाएगा।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन का अंत निवेशकों को न्योता देकर किया। उन्होंने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर क्रांति अब रुकने वाली नहीं है और जल्द ही पूरी दुनिया कहेगी:
“Designed in India, Made in India, Trusted by the World.”