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Tej Pratap Yadav Dahi Chura Feast: 'RJD का JJD में होगा विलय' तेज प्रताप यादव का बड़ा दावा

Wed, 14 Jan 2026 09:28 PM IST
आदर्श अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

क्या मकर संक्रांति के बहाने पटना में पिघल गई सियासी बर्फ? क्या तेज प्रताप यादव के घर पहुंचकर लालू प्रसाद यादव ने बड़ा संदेश दे दिया? राज्यपाल के साथ लालू की एक ही पंक्ति में बैठी तस्वीर क्या नया संकेत है? तेजस्वी यादव की गैरहाजिरी क्या सिर्फ इत्तेफाक है या अंदरूनी खींचतान? क्या लालू परिवार में फिर से एकजुटता की शुरुआत हो गई है? और क्या बिहार की राजनीति अब नए मोड़ की ओर बढ़ रही है?

पटना में मकर संक्रांति के मौके पर तेज प्रताप यादव के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। यह आयोजन सिर्फ एक पारंपरिक भोज नहीं रहा, बल्कि सियासी संकेतों से भरा नजर आया। कार्यक्रम की सबसे अहम तस्वीर तब सामने आई जब आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान एक साथ बैठे दिखाई दिए। तेज प्रताप यादव खुद मेहमानों की अगवानी और व्यवस्था संभालते नजर आए।

तेज प्रताप यादव ने इस अवसर पर अपने पिता लालू प्रसाद यादव और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। भोज के दौरान दोनों अगल-बगल बैठे रहे और पारंपरिक दही-चूड़ा परोसा गया। तस्वीरों में साफ दिखा कि तेज प्रताप हर छोटी-बड़ी व्यवस्था पर खुद नजर रखे हुए थे, ताकि आयोजन में कोई कमी न रह जाए।

कार्यक्रम के दौरान लालू प्रसाद यादव की सेहत का भी खास ख्याल रखा गया। तेज धूप होने पर उनके चेहरे पर तौलिया रखा गया, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। गौरतलब है कि लालू यादव इन दिनों अस्वस्थ चल रहे हैं, इसके बावजूद बेटे के घर पहुंचना राजनीतिक गलियारों में कई संकेत दे रहा है। इसे तेज प्रताप और लालू प्रसाद यादव के बीच फिर से बढ़ती नजदीकियों के तौर पर देखा जा रहा है।

यह मुलाकात इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि कुछ समय पहले लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए तेज प्रताप यादव को परिवार और पार्टी से बाहर करने का ऐलान किया था। ऐसे में तेज प्रताप के घर लालू की मौजूदगी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या लालू परिवार के भीतर जमी बर्फ अब पिघल रही है।

हालांकि, पूरे कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा तेजस्वी यादव की गैरहाजिरी को लेकर रही। तेजस्वी इस भोज में शामिल नहीं हुए। जब इस बारे में तेज प्रताप यादव से सवाल पूछा गया तो उन्होंने भाई पर तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी देर से सोकर उठते हैं, शायद इसलिए देर से आएंगे। इस बयान को सियासी गलियारों में दोनों भाइयों के रिश्तों में तल्खी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

तेज प्रताप यादव ने यह भी दावा किया कि मकर संक्रांति के अवसर पर सभी को आमंत्रित किया गया था और बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि आरजेडी और जन शक्ति जनता दल (जेजेडी) के विलय की बात कही, जिसे सियासी संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

कार्यक्रम में मौजूद तेज प्रताप के मामा साधु यादव ने भी परिवार की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि लालू परिवार फिर से एक हो और तेज प्रताप की घर वापसी हो। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने 14 जनवरी को नए राजनीतिक समीकरणों की शुरुआत बताते हुए कहा कि बिहार की राजनीति में अब नया मोड़ आने वाला है।

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