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Swami Prasad Maurya on Lakshmi Pooja :स्वामी प्रसाद मौर्य ने अब लक्ष्मी पूजा पर खड़े किए सवाल, मचा बवाल!

वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Updated Wed, 22 Oct 2025 02:57 AM IST

अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य कहते हैं, "लक्ष्मी की पूजा करना एक परंपरा हो सकती है, लेकिन यह व्यवहारिकता से कोसों दूर है। अगर लक्ष्मी की पूजा करने से कोई अमीर बनता, तो भारत दुनिया के गरीब देशों में से एक न होता। देश में 80 करोड़ लोग आज भी गरीबी में जी रहे हैं...लोग इसे स्वीकार करें या न करें, लेकिन क्या 5-10 किलो चावल खाकर गुज़ारा करने वाले ये 80 करोड़ लोग अपने बच्चों को विश्वविद्यालयों में भेज सकते हैं? क्या ऐसे लोग अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफ़ेसर, वकील, आईएएस, आईपीएस या वैज्ञानिक बना सकते हैं? कभी नहीं। आज करोड़ों युवा बेरोज़गार हैं। अगर लक्ष्मी की पूजा करने से गरीबी दूर होती, तो 80 करोड़ लोग सिर्फ़ 5-10 किलो चावल खाकर गुज़ारा न करते और करोड़ों युवा बेरोज़गार न होते.मैंने किसी भी पूजा का विरोध नहीं किया, मैंने बस इतना कहा कि 'घर की लक्ष्मी' की पूजा करनी चाहिए क्योंकि वह घर को चौबीसों घंटे साफ़-सुथरा रखती हैं और उसे स्वर्ग जैसा बना देती हैं.

अगर आपको पूजा करनी ही है, तो 'घर की लक्ष्मी' की पूजा करें। ताकि घर में सुख-समृद्धि बनी रहे। यह एक अपील है। लोग इसे अन्यथा लें, यह उनकी मानसिकता पर निर्भर करता है। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा था कि अगर पूजा ही करनी है, तो "घर की लक्ष्मी" (घर की महिलाओं/पत्नियों) की पूजा करनी चाहिए, जिससे घर में सुख-समृद्धि आए। उनके इस बयान ने काफी विवाद खड़ा कर दिया था, क्योंकि इसे देवी लक्ष्मी के उपासकों की आस्था पर चोट के रूप में देखा गया। यह स्वामी प्रसाद मौर्य (जो वर्तमान में राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष हैं) के एक चर्चित बयान का हिस्सा है। उन्होंने यह टिप्पणी अक्टूबर 2025 में दिवाली के संदर्भ में की थी। हालांकि स्वामी प्रसाद मौर्य का विवादों से पुराना नाता रहा है। एक बार फिर से विवादित बयान देकर उन्होंने बवाल मचाया है। 

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