फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SC on Bihar Voter List Revision: EC को झटका! विपक्ष को राहत? जानें सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

वीडियो डेस्क/ अमर उजाला डॉट कॉम Updated Thu, 10 Jul 2025 04:26 PM IST

बिहार में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं के वकील ने पुनरीक्षण को गलत बताया। पुनरीक्षण में आधार कार्ड को दस्तावेजों की सूची से बाहर रखने पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी।  जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए निर्वाचन आयोग को राहत दी। कोर्ट ने कहा कि मतदाता सूची की जांच लोकतांत्रिक कार्य है। इस पर रोक नहीं लगा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में चुनाव आयोग को जवाब दाखिल करने को कहा है। शीर्ष अदालत अब इस मामले में अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी। 
सुप्रीम कोर्ट ने में इस मामले के संबंध में 10 से अधिक याचिकाएं दायर की गयी हैं। इनमें प्रमुख याचिकाकर्ता गैर-सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ है। राजद सांसद मनोज झा और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के अलावा, कांग्रेस के के सी वेणुगोपाल, शरद पवार नीत राकांपा गुट से सुप्रिया सुले, भाकपा से डी राजा, समाजवादी पार्टी से हरिंदर सिंह मलिक, शिवसेना (उबाठा) से अरविंद सावंत, झारखंड मुक्ति मोर्चा से सरफराज अहमद और भाकपा (माले) के दीपांकर भट्टाचार्य ने संयुक्त रूप से शीर्ष अदालत का रुख किया है। सभी नेताओं ने बिहार में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण के निर्वाचन आयोग के आदेश को चुनौती दी है और इसे रद्द करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें