वक्फ संशोधन अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद एक धार्मिक संगठन है। वक्फ हमारा धार्मिक मामला है और इसके कुछ नियम और कानून हैं। सुनिए उन्होंने क्या कहा?