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Samrat Cabinet Expansion: बिहार में कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों को मिला विभाग जानिए किसे क्या मिला?

Fri, 08 May 2026 01:27 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

बिहार में हुए बड़े कैबिनेट विस्तार के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की नई सरकार में मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। इस विस्तार को आगामी विधानसभा चुनावों और सामाजिक समीकरणों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई कैबिनेट में भाजपा को सबसे अधिक 15 मंत्री पद मिले हैं, जबकि जदयू के खाते में 13 मंत्रालय गए हैं। इसके अलावा एलजेपी (रामविलास), हम और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गृह, सामान्य प्रशासन, कैबिनेट सचिवालय, निगरानी, नागरिक उड्डयन और चुनाव जैसे अहम विभाग अपने पास रखे हैं। 

वहीं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को वित्त और वाणिज्यिक कर विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। बिजेंद्र प्रसाद यादव को ग्रामीण विकास तथा ऊर्जा विभाग सौंपा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को पहली बार मंत्री बनाया गया है और उन्हें स्वास्थ्य विभाग दिया गया है, जिसे सरकार ने युवाओं और नई पीढ़ी को आगे लाने का संकेत माना है। विजय कुमार सिन्हा को पथ निर्माण और खान एवं भूतत्व विभाग मिला है, जबकि दिलीप जायसवाल को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। श्रवण कुमार को ग्रामीण कार्य विभाग, लेसी सिंह को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, अशोक चौधरी को भवन निर्माण विभाग तथा मदन सहनी को समाज कल्याण विभाग सौंपा गया है। भाजपा नेता नितिश मिश्रा को उद्योग विभाग, भगवान सिंह कुशवाहा को सहकारिता विभाग और प्रमोद कुमार को पर्यटन विभाग मिला है।

 श्रेयसी सिंह को खेल एवं युवा कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने का संदेश देने की कोशिश की गई है। मोहम्मद जमा खान को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, संतोष कुमार सुमन को अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग और रत्नेश सदा को श्रम संसाधन विभाग सौंपा गया है। सरकार ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए विभागों का वितरण किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कैबिनेट विस्तार केवल प्रशासनिक फेरबदल नहीं बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें भाजपा और जदयू दोनों ने अपने-अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने की कोशिश की है।

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