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Russia Earthquake And Volcano: 600 साल बाद क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी फूटा,आसमान में राख ही राख।

Sun, 03 Aug 2025 03:28 PM IST
अभिलाषा पाठक वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

रूस के आपातकालीन प्राधिकरण के अनुसार, इस क्षेत्र में आए अब तक के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक के बाद, पूर्वी कामचटका क्षेत्र में एक ज्वालामुखी 450 वर्षों में पहली बार फटा है।स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन के वैश्विक ज्वालामुखी कार्यक्रम ने कहा कि 1550 में अपने अंतिम विस्फोट के बाद से निष्क्रिय क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी से अब राख का एक विशाल गुबार निकला है, जैसा कि रूसी सरकारी मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में दिखाया गया है।कामचटका के आपातकालीन स्थिति मंत्रालय ने टेलीग्राम पर बताया कि राख का गुबार अनुमानित 6,000 मीटर (19,700 फीट) की ऊँचाई तक पहुँच गया था। मंत्रालय ने बताया, "यह गुबार ज्वालामुखी से पूर्व की ओर प्रशांत महासागर की ओर फैल रहा है। इसके रास्ते में कोई आबादी वाला इलाका नहीं है, और आबादी वाले इलाकों में राख गिरने की कोई सूचना नहीं मिली है।" वैज्ञानिकों का मानना है कि रूस के सुदूर पूर्व में आए एक बड़े भूकंप के आने की खतरे की घंटी है।

जानकारों के मुताबिक क्रेशेनिनिकोव ज्वालामुखी ने लगभग 1463 के बाद से लावा नहीं उगला है.... लेकिन अब यह 6,000 मीटर यानी (तकरीबन 6KM की ऊंचाई तक)  ऊपर आसमान में राख फेंक रहा है। एविएशन द्वारा ऑरेंज कोड की श्रेणी में इस इलाके को डाला गया है...जिसका मतलब है कि प्लेन इस क्षेत्र से न गुजरे।  यह ज्वालामुखी का विस्फोट 30 जुलाई को आए हुए भूकंप से जुड़ा हो सकता है, जिसके कारण फ्रेंच पोलिनेशिया और चिली जैसे दूर-दराज के इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी....और इसके बाद कामचटका प्रायद्वीप के सबसे सक्रिय ज्वालामुखी, क्लुचेवस्कॉय का विस्फोट हुआ था। यह घटना यूरोप और एशिया के सबसे ऊँचे सक्रिय ज्वालामुखी, क्लुचेव्स्कॉय के बुधवार को हुए विस्फोट के तुरंत बाद हुई।ग्लोबल वोल्केनिज़्म प्रोग्राम के अनुसार, क्लुचेव्स्कॉय में विस्फोट अपेक्षाकृत बार-बार होते हैं, और वर्ष 2000 से अब तक कम से कम 18 बार ऐसा हुआ है। दोनों विस्फोट बुधवार को आए अब तक के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक के बाद हुए, जिसके कारण सुनामी की चेतावनी जारी की गई और लाखों लोगों को जापान से लेकर हवाई और इक्वाडोर तक के तटीय क्षेत्रों से पलायन करना पड़ा।

अधिकारियों ने बताया कि सबसे ज़्यादा नुकसान रूस में हुआ, जहाँ सुनामी ने सेवेरो-कुरिल्स्क बंदरगाह को अपनी चपेट में ले लिया और एक मछली पकड़ने के कारखाने को जलमग्न कर दिया। रूस के कामचटका प्रायद्वीप पर पेट्रोपावलोव्स्क के पास 8.8 तीव्रता का भूकंप आया और यह 2011 में जापान के तट पर आए 9.1 तीव्रता के भूकंप के बाद सबसे शक्तिशाली भूकंप था, जिसके कारण 15,000 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई थी। वहीं आज रूस के बाद अब अमेरिका के न्यूयॉर्क क्षेत्र में भूकंप का झटका महसूस किया गया है। यह भूकंप शनिवार की देर रात आया। न्यूयार्क के न्यूजर्सी शहर में लोगों ने भूकंप के हल्के झटके महसूस किए। धरती हिलने से लोग दहशत में आ गए। हालांकि यह भूकंप काफी हल्का था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने बताया कि रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.0 मापी गई। न्यूजर्सी के उपनगर हैसब्रुक हाइट्स में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए, जो सेंट्रल पार्क से लगभग आठ मील (13 किलोमीटर) पश्चिम में स्थित है। न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन बरो के एक निवासी ने बताया कि भूकंप के हल्के झटके महससू किए गए और कुछ पल के लिए हल्की सी हलचल हुई थी। 
 

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