DC रामबन मोहम्मद अलयास खान ने जिले में बाढ़ की स्थिति पर कहा, "रामबन में अन्य जगहों की तरह भारी बारिश हुई... जिससे हमारी आधारभूत संरचना को काफी नुकसान पहुंचा है। बारिश के कारण भूस्ख्लन की घटनाएं सामने आईं, हमारी नदियों का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर जा रहा था। जिसके मद्देनजर हमने करीब 900 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पुनर्स्थापित कर दिया है. जब तक नदी का जलस्तर सामान्य स्तर पर नहीं जाता तब तक उन्हें वहां शिफ्ट नहीं किया जाएगा. हमारी अधिकांश सड़कें प्रभावित हुई हैं. हमारा सड़कों को पुनर्स्थापित करने का काम जारी है.बेली ब्रिज को भी हम पुन:स्थापित करने जा रहे हैं... हमारे पास जो वैकल्पित मार्ग हैं उसके जरिए उस इलाके में सप्लाई दी जा रही है. हाल में जो बारिश हुई है उससे हमारा बहाली कार्य प्रभावित हुआ है. हमारी प्राथमिकता है कि मानवीय क्षति ना हो
जिले को भारी नुकसान हुआ, जिसमें 84 सड़कें, 98 जल आपूर्ति योजनाएं और 71 बिजली फीडर प्रभावित हुए। 29 अगस्त को राजगढ़ तहसील के द्रुबला गांव में बादल फटने से भूस्खलन और अचानक बाढ़ आ गई, जिससे सड़कों और बुनियादी ढांचे को और नुकसान हुआ। रामबन के उपायुक्त अयाज खान ने इन विवरणों की पुष्टि की। द्रुबला में बादल फटने से चार लोगों की मौत हो गई, एक महिला लापता है और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। कुल 283 घरों को विभिन्न स्तरों का नुकसान हुआ। लगभग 950 लोगों को एहतियाती उपाय के रूप में सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
शुरू में प्रभावित 182 सड़कों में से, 75 बंद थीं, जिनमें से 55 को बहाल कर दिया गया। हालांकि, लगातार बारिश के कारण 84 सड़कों को और नुकसान हुआ, जिनमें से 30 को बहाल कर दिया गया है। बहाली के प्रयास जारी हैं। प्रशासन ने 15 लॉजमेंट-सह-राहत शिविर स्थापित किए हैं जिनमें 650 से अधिक लोग रह रहे हैं, जो भोजन, बिस्तर और चिकित्सा देखभाल जैसी आवश्यक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।