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Ram Mandir Donation Scam: चढ़ावा चोरी विवाद के बीच बृजभूषण सिंह ने प्रशासन को जमकर सुनाया!

Mon, 06 Jul 2026 01:03 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या में कथित चढ़ावा चोरी के मामले के बीच एक बार फिर राम मंदिर की व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर ऐसे बैरियर और प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिनसे आम श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है और अयोध्या का पारंपरिक धार्मिक वातावरण भी बदल गया है। उनके अनुसार, अत्यधिक सुरक्षा व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच दूरी बढ़ी है तथा जनमानस धीरे-धीरे अयोध्या से कटता जा रहा है। बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि पहले श्रद्धालु सहज रूप से विभिन्न मंदिरों तक पहुंच जाते थे, लेकिन अब कई स्थानों पर लगाए गए बैरियर उनकी आवाजाही में बाधा बन रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से रंग महल मंदिर के सामने लगे बैरियर का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इन्हें केवल सुरक्षा कारणों से नहीं, बल्कि किसी विशेष उद्देश्य के तहत लगाया गया है। उनका कहना था कि रंग महल मंदिर के आसपास बनाई गई यह व्यवस्था संदेह पैदा करती है और ऐसा प्रतीत होता है कि इसके पीछे मंदिर पर नियंत्रण या उससे जुड़े हितों को प्रभावित करने की मंशा रही है। 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह सब किसी प्रभावशाली व्यक्ति या समूह के इशारे पर किया जा रहा था। अपने बयान के दौरान उन्होंने राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदा संग्रह को लेकर पहले दिए गए अपने बयानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी कथित "राम मंदिर चंदा घोटाले" का मुद्दा उठाया था और उस समय भी पारदर्शिता की मांग की थी। उनका कहना है कि मंदिर निर्माण और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं में पूरी जवाबदेही और पारदर्शिता होनी चाहिए ताकि किसी प्रकार की आशंका या विवाद की स्थिति पैदा न हो। चढ़ावा चोरी के मामले के सामने आने के बाद बृजभूषण शरण सिंह के इन बयानों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जबकि मंदिर प्रबंधन और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों या मंदिर प्रबंधन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में बृजभूषण शरण सिंह के आरोप राजनीतिक बहस का विषय बने हुए हैं और मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक जांच या संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

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