पूरी भगदड़ मामलें में तीन श्रद्धालुओं की मौत के बाद कई बड़े कदम उठायें गए जांच की बात हो या फिर संबंधित पर एक्शन लेने की लेकिन अब वहाँ के हालात कैसे है घटना के दूसरे दिन कैसा माहौल है, ओडिशा के पुरी में श्री गुंडिचा मंदिर के नजदीक रविवार को मची भगदड़ में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और लगभग 50 अन्य घायल हो गए. यह घटना तड़के लगभग चार बजे हुई जब हजारों श्रद्धालु रथ यात्रा उत्सव देखने के लिए मंदिर के निकट एकत्र हुए थे.
वहीं इस घटना के बाद मुख्यमंत्री माझी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भगदड़ की घटना के लिए मैं और मेरी सरकार सभी जगन्नाथ भक्तों से क्षमा मांगते हैं. महाप्रभु के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में उत्सुकता अधिक थी... धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी के कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई. मैं और मेरी सरकार सभी जगन्नाथ भक्तों से क्षमा मांगते हैं. हम भगदड़ में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं... महाप्रभु जगन्नाथ से प्रार्थना करते हैं कि वे उन्हें इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें. यह लापरवाही अक्षम्य है. सुरक्षा चूक की तत्काल जांच की जाएगी और मैंने निर्देश दिया है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं.' फिलहाल अब हालात सामान्य है और लोग दर्शन को पहुंच रहें है। वहीं आपको बता दे की इस घटना के बाद सरकार ने एक्शन लेते हुए सरकार ने पुरी कलेक्टर (जिला मजिस्ट्रेट) सिद्धार्थ शंकर स्वैन और पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनीत अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया गया है. सुरक्षा व्यवस्था में सीधे तौर पर शामिल फील्ड स्तर के अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है. पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) बिष्णु पति और कमांडेंट अजय पाधी के निलंबन की भी घोषणा की गई है।