पंजाब में बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या 46 पहुंच गई है जबकि पाठनकोट से लापता हुए तीन लोगों का भी कोई सुराग अभी तक नहीं लग पाया है। अभी तक अमृतसर में सात, बरनाला में पांच, बठिंडा में चार, होशियारपुर में सात, गुरदासपुर में दो, लुधियाना में चार, पठानकोट में छह, मानसा में तीन, रूपनगर व मोहाली में 2-2 व फाजिल्का, फिरोजपुर, पटियाला व संगरूर में एक-एख शख्स की जान जा चुकी है। वहीं, नदियों का पानी पंजाब में लगातार किसानों की फसलों को अपनी चपेट में ले रहा है। पानी में डूबकर बर्बाद हुई फसलों का रकबा बढ़कर 1,74,454 हेक्टेयर पहुंच गया है। फाजिल्का, कपूरथला, मानसा, फिरोजपुर, गुरदासपुर और तरनतारन में फसलों को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। राहत और बचाव कार्य में जुटे सैन्य बलों ने भी टुकड़ियों की संख्या 24 से बढ़ाकर 27 कर दी है जबकि एनडीआरएफ की 23 व एसडीआरएफ की दो टीमें लोगों की मदद के लिए जुटी हुई हैं।
पंजाब सरकार की ओर से 139 राहत शिविर लगाए हुए हैं, जिनमें 6121 लोगों को रखा गया है। अभी तक सूबे के 1996 गांवों की 3,87,013 आबादी सीधे बाढ़ की मार झेल रही है। वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा के अनुसार पंजाब सरकार अपने संसाधनों के जरिये लोगों को राहत पहुंचाने का काम कर रही है यदि केंद्र सरकार विशेष राहत पैकेज और सूबे की बकाया राशि रिलीज कर दे तो हालात संभल सकते हैं।पीएम मोदी 9 सितंबर को पंजाब जाएंगे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। वह गुरदासपुर जाकर जमीनी स्तर पर हालात देखेंगे। पंजाब के अलावा पीएम मोदी उत्तराखंड और हिमाचल का भी दौरा कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पंजाब दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी किसी बड़े राहत पैकेज का ऐलान कर सकते हैं। इसमें बाढ़ पीड़ितों के लिए मुआवजा और आर्थिक मदद शामिल हो सकती है। इससे प्रभावित परिवारों और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।