कौशांबी में बच्ची के साथ कथित रेप मामले में सियासत लगातार जारी है। बीते दिनों कई राजनैतिक दलों के नेताओं ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की तो वहीं रविवार को नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद भी मिलने के लिए कौशांबी जाना चाहते थे। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने उन्हें कौशाम्बी जाने से रोक दिया। सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह पीड़ित परिवार से मिलने के लिए कौशांबी जाना चाहते हैं, लेकिन प्रयागराज एयरपोर्ट पर ही मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें कानून व्यवस्था का हवाला देकर कौशाम्बी जाने से मना किया। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उन्हें प्रयागराज सर्किट हाउस लाया गया। जिसके बाद प्रयागराज के करछना इलाके में आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर उपद्रव बवाल और आगजनी की है। पुलिस की छह गाड़ियों में तोड़फोड़ के साथ ही कई बाइक में आगजनी की घटना की गई है। पथराव में कई पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग घायल हुए हैं।
प्रयागराज के करछना में हुए उपद्रव को लेकर पुलिस की जांच में बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस का दावा है कि यह बवाल पूर्व नियोजित था और हमलावर पूरी तैयारी के साथ पहुंचे थे। उनके पास लाठी-डंडों और ईंट पत्थरों के अलावा पेट्रोल से भरी बोतलें भी थीं, जिन्हें मौके पर पेट्रोल बम की तरह इस्तेमाल किया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, करछना थाना प्रभारी अनूप सरोज की ओर से उच्चाधिकारियों को भेजी गई गोपनीय रिपोर्ट में लिखा है कि हमलावर सुनियोजित तरीके से आए थे। हिंसा की मंशा साफ थी, क्योंकि वे सिर्फ पारंपरिक हथियारों से नहीं, बल्कि पेट्रोल जैसी सामग्री के साथ आए थे, जिससे आगजनी को अंजाम दिया जा सके।
सूत्रों का कहना है कि बवाल में शामिल कुछ युवकों को घटना से कुछ घंटे पहले करछना क्षेत्र के ही एक पेट्रोल पंप पर देखा गया था। वहीं से वे बोतलों में पेट्रोल भरकर पहले हनुमानपुर मोरी और फिर भड़ेवरा बाजार पहुंचे। जैसे ही बवाल शुरू हुआ, उन्होंने पहले तोड़फोड़ की और फिर राहगीरों के छोड़े गए दोपहिया वाहनों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आशंका यह भी है कि इसमें शामिल युवकों को किसी रणनीति के तहत तैयार किया गया था।
स्थानीय पुलिस ने मिले इनपुट के आधार पर अब जांच का दायरा बढ़ा दिया को है। हमलावरों की पहचान और उनकी पृष्ठभूमि खंगाली जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उन्हें इस स्तर की तैयारी किसने कराई और उनके पीछे कौन लोग हैं। फिलहाल घटना में दर्ज मुकदमे में गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं और कुछ संदिग्धों की गिरफ्तारी भी जल्द संभव है। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय चश्मदीदों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
प्रयागराज के करछना में हुए बवाल के मामले में 54 नामजद समेत कुल 604 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से 75 को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार लोगों में 52 नामजद आरोपी हैं जबकि 23 अन्य आरोपी वह हैं, जिन्हें वीडियो फुटेज से चिह्नित किया गया है।