देश और कर्नाटक को हिला देने वाले सबसे चर्चित मामलें में से एक एक पूर्व सांसद, एक ताकतवर राजनीतिक परिवार का केस और एक ऐसा यौन शोषण कांड जिसने पूरे देश को सकते में ला दिया! अब इस मामलें पर बड़ा एक्शन हुआ है कर्नाटक के प्रज्वल रेवन्ना, पूर्व प्रधानमंत्री HD देवगौड़ा के पोते, अब उम्रकैद की सजा भुगतेंगे, घरेलू सहायिका के साथ कुकर्म के मामले में उन्हें कोर्ट ने दोषी करार दिया है। कर्नाटक के बेंगलुरु में स्पेशल कोर्ट ने पूर्व सांसद और एचडी देवेगौड़ा के पोते, प्रज्वल रेवन्ना को मामले में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला 2 अगस्त 2025 को सुनाया गया, जो भारतीय न्याय प्रणाली में महिला सम्मान और सत्ता के प्रभाव के बीच कानून की वाणी को स्पष्ट करता है। अब ऐसे में इस केस में अबतक क्या क्या हुआ है चलिए विस्तार से बताते है..
दरहसल इस मामले की शुरुआत अप्रैल 2024 में तब हुई, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ. वीडियो में प्रज्वल रेवन्ना को एक महिला के साथ यौन शोषण करते हुए देखा गया. पीड़िता रेवन्ना परिवार के घर में नौकरानी थी. उसने पुलिस को बताया कि उसके साथ दो अलग-अलग जगहों पर बलात्कार हुआ. पहली बार फार्महाउस में और दूसरी बार बेंगलुरु के बसवन गुडी स्थित घर में.इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने एक एसआईटी का गठन किया था. एसआईटी ने प्रज्वल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया था. महीनों की पड़ताल के बाद करीब 2000 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी. एनआईए कोर्ट ने तमाम सबूतों, पीड़िता के बयान और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर प्रज्वल रेवन्ना को दोषी ठहराया.आपको बता दे की प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ यौन शोषण का मामला अप्रैल 2024 में सामने आया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोकसभा चुनाव के बीच यह वीडियो तूफान की तरह फैला और इसमें एक महिला के साथ प्रज्वल रेवन्ना की कथित आपत्तिजनक हरकतें देखी गईं। वीडियो लीक होते ही प्रज्वल रेवन्ना ने आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि यह सब उनकी छवि खराब करने की राजनीतिक साजिश है। 20 अप्रैल 2024 को उनके चुनाव एजेंट ने एक एफआईआर दर्ज करवाई, जिसमें विपक्षी दलों पर फर्जी वीडियो फैलाने का आरोप लगाया गया। लेकिन जैसे ही 26 अप्रैल को मतदान समाप्त हुआ, प्रज्वल ने कूटनीतिक पासपोर्ट का इस्तेमाल कर देश छोड़ दिया और विदेश चले गए।