प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने जीएसटी लागू होने की वजह बताई। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि अलग-अलग जगहों पर माल भेजना हो तो पता नहीं कितने चेक पोस्ट पार करने पड़ते थे, कितने फॉर्म भरने पड़ते थे। हर जगह टैक्स के अलग-अलग नियम थे। उन्होंने एक उदाहरण देकर बताया कि जब 2014 में देश ने मुझे प्रधानमंत्री पद का दायित्व सौंपा था, तब एक विदेशी अखबार में एक दिलचस्प उदाहरण छपा था।
पीएम मोदी ने एक कंपनी की मुश्किलों के बारे में बताया कि विदेशी अखबार में एक कंपनी की मुश्किलों का जिक्र था। उस कंपनी ने कहा था कि अगर उसे बंगलूरू से 570 किलोमीटर दूर हैदराबाद अपना सामान भेजना हो तो वो इतना कठिन था कि उन्होंने सोचा और कहा कि वो पसंद करती थी कंपनी कि पहले अपना सामान बंगलूरू से यूरोप भेजें और फिर वही सामान यूरोप से हैदराबाद भेजें।
पीएम मोदी ने कहा कि साथियों टैक्स और टोल के जंजाल से ये तब के हालात थे। और मैं आपको सिर्फ एक पुराना उदाहरण याद दिला रहा हूं। तब लाखों कंपनियों और देशवासियों को अलग-अलग तरह के टैक्स के जाल की वजह से रोज परेशानी होती थी। सामान को एक शहर से दूरे शहर पहुंचने के बीच जो खर्च बढ़ता था, वो खर्च भी गरीब को उठाना पड़ता था। वो खर्च ग्राहकों को उठाना पड़ता था। देश को इस से निकालना जरूरी था।
जीएसटी सुधारों पर पीएम मोदी ने कहा कि देश के हर परिवार की खुशियां बढ़ेंगी। मैं देश के कोटि-कोटि परिवारजनों को नेक्सट जेन जीएसटी रिफॉर्म्स की बधाई देता हूं, शुभकामनाएं देता हूं। ये बदलाव भारत की ग्रोथ स्टोरी को आगे बढ़ाएंगे। कारोबार को और आसान बनाएंगे। पीएम मोदी ने आगे कहा कि साथियों जब साल 2017 में जीएसटी रिफॉर्म्स की तरफ कदम बढ़ाया था, तब नया इतिहास रचने की शुरुआत हुई थी। आप सभी लोगों को देश के व्यापारी, अलग-अलग टैक्स के जाल में उलझे हुए थे।