प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्रा पर टैक्स लगाए जाने और यात्राओं पर किसी तरह के प्रतिबंध की खबरों को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है और न ही विदेश यात्रा को लेकर किसी नए टैक्स या रोक संबंधी प्रस्ताव पर विचार किया गया है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया और कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा किया जा रहा था कि सरकार विदेश घूमने जाने वाले भारतीय नागरिकों पर अतिरिक्त टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है। इन खबरों के बाद लोगों के बीच भ्रम और चिंता का माहौल बन गया था, खासकर उन लोगों में जो पर्यटन, पढ़ाई, व्यापार या नौकरी के सिलसिले में विदेश यात्रा करते हैं। प्रधानमंत्री ने इन अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देशवासियों को बिना पुष्टि वाली खबरों पर भरोसा नहीं करना चाहिए और केवल आधिकारिक सूचनाओं को ही सही मानना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों की सुविधाओं को बढ़ाना है, न कि अनावश्यक प्रतिबंध लगाना। सरकार लगातार पर्यटन, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संपर्क को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर भ्रम पैदा करने का प्रयास करते हैं, जिससे जनता गुमराह होती है और सरकार की छवि खराब करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने मीडिया और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से जिम्मेदारी के साथ जानकारी साझा करने की अपील की। साथ ही लोगों से कहा गया कि किसी भी सरकारी नीति या टैक्स से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों और विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर ही भरोसा करें। इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि विदेश यात्रा पर किसी नए टैक्स या प्रतिबंध को लेकर चल रही चर्चाओं में कोई सच्चाई नहीं है। केंद्र सरकार ने फिलहाल ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है और नागरिक सामान्य रूप से पहले की तरह विदेश यात्रा कर सकते हैं। प्रधानमंत्री के इस स्पष्टीकरण से लोगों के बीच फैली आशंकाएं काफी हद तक दूर हो गई हैं और यह संदेश भी गया है कि अफवाहों से बचना और तथ्यों की जांच करना बेहद जरूरी है।