एक खिलाड़ी देश के लिए मेडल जीतने की खातिर खून पसीना एक कर देता है। दिन रात मेहनत कर मेडल जीतता है, लेकिन कुछ सालों बाद दुनिया उसे भूल जाती है। वो अकेला हो जाता है। ये कहानी एक ऐसे ही खिलाड़ी की है जिसने देश के लिए अवार्ड तो जीते लेकिन देश ने उसे भूला दिया।