ओडिशा में सब कुछ बंद है। चालू है तो सड़कों पर उतरा रहा गुस्सा, पुलिस के साथ धक्का मुक्की और भयानक बवाल। ओडिशा में एक लड़की के खुद को आग लगा लेने के बाद ये गुस्सा सड़कों पर उतरा। लड़की नहीं रही लेकिन उसको न्याय दिलाने की आस लेकर लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं. लेकिन फकीर मोहन सिंह कॉलेज की उस लड़की के साथ ऐसा क्या हुआ कि जैसे ही वो प्रिंसिपल रूम से निकली उसने खुद को आग लगा लिया। क्या वो इतनी मजबूर हो गई थी कि वो जिंदा रहते हुए लड़ नहीं सकती थी। आखिर उस प्रिंसिपल रूम में उसके साथ ऐसा क्या हुआ था। क्या उसे सुसाइड करने के लिए मजबूर किया गया। 20 साल की वो लड़की रोज की तरह कॉलेज जाती थी लेकिन अचानक उसने 12 जुलाई को खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा लिया। केस को लेकर खुलासा हुआ है कि छात्रा को कॉलेज के प्रिंसिपल ने मजबूर किया था। प्रिंसिपल चाहते थे कि छात्रा सीनियर प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत वापस ले ले। साथ ही, वो प्रोफेसर से माफी भी मांगे। जिसके बाद वो दुखी थी। इधर परिवार ने इस पूरे मामले में पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस इस बात को खंगालने में जुटी है कि आखिर प्रिंसिपल के कमरे में उस दिन हुआ क्या था? FIR में कहा गया है कि छात्रा को प्रिंसिपल के ऑफिस में दोपहर 12 से 12.30 बजे के बीच बुलाया गया था। वह कमरे से निकली और 12.40 बजे तक उसने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। एफआईआर छात्रा के चचेरे भाई ने दर्ज कराई है। छात्रा के भाई ने आरोप लगाया है कि प्रिंसिपल ने उसे चेतावनी दी थी। प्रिंसिपल ने कहा था कि तुम किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगी। अगर तुमने शिकायत वापस नहीं ली तो तुम्हें अपनी जान देनी पड़ेगी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी टीचर और प्रिंसिपल दोनों को सस्पेंड कर दिया है। दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है। जांचकर्ता इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि छात्रा प्रिंसिपल के ऑफिस से निकलने के 10 मिनट के भीतर पेट्रोल कैसे ले आई।