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NTA Reforms News Update: नंदन नीलेकणि की टीम संभालेगी NTA में परीक्षा सुधार की कमान

Mon, 27 Jul 2026 12:50 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

नीट-यूजी पेपर लीक विवाद और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक-संचालित बनाने के उद्देश्य से छह विशेषज्ञों की एक हाई-पावर टास्क फोर्स का गठन किया है। इस उच्चस्तरीय समिति की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक और देश के प्रतिष्ठित तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि को सौंपी गई है। समिति में शिक्षा, विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, प्रशासन और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, ताकि देश की परीक्षा प्रणाली के हर पहलू की व्यापक समीक्षा की जा सके। सरकार का मानना है कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के अनुभव और सुझावों से ऐसी व्यवस्था विकसित की जा सकेगी, जिससे भविष्य में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।

केंद्र सरकार ने इस टास्क फोर्स को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की पूरी परीक्षा प्रणाली का गहन मूल्यांकन करने की जिम्मेदारी सौंपी है। समिति परीक्षा प्रक्रिया के प्रत्येक चरण—प्रश्नपत्र तैयार करने, सुरक्षित तरीके से उसके वितरण, परीक्षा केंद्रों के संचालन, अभ्यर्थियों की पहचान, डिजिटल निगरानी और परिणाम घोषित करने तक—की समीक्षा करेगी। इसके साथ ही यह समिति परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी सुझाव देगी। विशेष रूप से साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता सुनिश्चित करने, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित करने और परीक्षा संचालन के दौरान संभावित तकनीकी खामियों को दूर करने के उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार चाहती है कि भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं ऐसी प्रणाली के तहत आयोजित हों, जिनमें किसी भी प्रकार की धांधली या लीक की संभावना न्यूनतम हो।

इस टास्क फोर्स का नेतृत्व कर रहे नंदन नीलेकणि भारत के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। वह आईटी कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक हैं और भारत की आधार परियोजना को लागू करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के पहले अध्यक्ष भी रह चुके हैं। बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म, डेटा प्रबंधन, पहचान सत्यापन और सरकारी डिजिटल सेवाओं को विकसित करने का उनका व्यापक अनुभव इस समिति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी अगुवाई में एनटीए के लिए एक ऐसा तकनीकी रोडमैप तैयार किया जा सकता है, जो परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और विश्वसनीय बनाएगा। सरकार को उम्मीद है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर परीक्षा प्रक्रिया में आवश्यक सुधार लागू किए जाएंगे, जिससे छात्रों का विश्वास मजबूत होगा और देश की राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाएं भविष्य में अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से आयोजित की जा सकेंगी।

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