राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर बना सस्पेंस और गहरा गया है। अजित पवार के निधन के बाद जहां पार्टी के भीतर एकजुटता की उम्मीदें जताई जा रही थीं, वहीं जमीनी घटनाक्रम फिलहाल अलग तस्वीर पेश कर रहा है। रविवार सुबह एनसीपी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार बारामती से मुंबई के लिए रवाना हो गए, जबकि नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री और अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार देर रात मुंबई से बारामती लौट आईं।
इन दोनों अहम नेताओं की विपरीत दिशाओं में हुई यह राजनीतिक आवाजाही ऐसे वक्त पर हुई है, जब एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर चर्चाएं चरम पर थीं। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि शरद पवार और सुनेत्रा पवार के बीच कोई मुलाकात या बातचीत हुई या नहीं।
अजित पवार के निधन के बाद बदला समीकरण
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन को चार दिन बीत चुके हैं। 28 जनवरी को हुए इस घटनाक्रम के बाद एनसीपी की राजनीति में भावनात्मक माहौल तो बना, लेकिन राजनीतिक फैसलों को लेकर असमंजस भी बढ़ गया। सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार के रहते दोनों गुटों के विलय की प्रक्रिया अंतिम चरण में थी, लेकिन उनके अचानक चले जाने से अब पूरी रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं।
‘12 फरवरी को होना था विलय का ऐलान’
शनिवार को मीडिया से बातचीत में शरद पवार ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अजित पवार ने एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की घोषणा के लिए 12 फरवरी की तारीख तय की थी। शरद पवार ने साफ संकेत दिए कि भतीजे के निधन के बाद अब यह प्रक्रिया बाधित हो सकती है।
शरद पवार ने सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ को लेकर भी दूरी बनाए रखी। उन्होंने कहा,
“इस बारे में मुझसे कोई चर्चा नहीं हुई। यह फैसला पार्टी ने स्वयं लिया होगा। संभव है कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने इस दिशा में पहल की हो।”
शपथ के बाद सुनेत्रा पवार की बारामती वापसी
शनिवार को मुंबई में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सुनेत्रा पवार देर रात पुणे जिले के बारामती स्थित अपने आवास लौट आईं। राजनीतिक हलकों में इसे एक महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि अजित पवार के निधन के बाद परिवार और पार्टी दोनों स्तरों पर फैसले बेहद संवेदनशील हो गए हैं।
गोविंदबाग में मुलाकात, लेकिन जवाब नहीं
शनिवार को अजित पवार के बेटे पार्थ पवार शरद पवार से मिलने बारामती स्थित गोविंदबाग पहुंचे। इस मुलाकात में सुप्रिया सुले, एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार और युगेंद्र पवार भी मौजूद थे। इस बैठक को लेकर भी आधिकारिक तौर पर कोई बयान सामने नहीं आया, जिससे अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है।
दिल्ली रवाना सुप्रिया सुले, नेता साधे हुए हैं चुप्पी
एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले शनिवार को बजट सत्र में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गईं। वहीं, एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं। दूसरी ओर, नारहरी जिरवाल जैसे नेता सार्वजनिक रूप से एकजुटता की अपील जरूर कर रहे हैं, लेकिन ठोस संकेत अब तक नहीं मिले हैं।
विलय पर फिलहाल विराम?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की प्रक्रिया कम से कम कुछ समय के लिए ठंडे बस्ते में जा सकती है। भावनात्मक माहौल, नेतृत्व का सवाल और सत्ता संतुलन इन सबने मिलकर पार्टी को एक कठिन मोड़ पर ला खड़ा किया है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शरद पवार मुंबई में किन नेताओं से मुलाकात करते हैं और आने वाले दिनों में एनसीपी की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।