NCERT ने अपने नए सिलेबस से गुजरात दंगों, मुगल अदालतों, आपातकाल, शीत युद्ध, नक्सली आंदोलन पर सबक आदि समेत कई ऐतिहासिक घटनाओं को हटा दिया है। NCERT की नई पाठ्यपुस्तकों में हुई ऐतिहासिक घटनाओं में हुए बदलाव को लेकर जमकर राजनीति भी देखने को मिल रही है। कांग्रेस, सीपीएम, सपा और उद्धव गुट की शिवसेना समेत कई पार्टियों ने इस कदम का विरोध जताया है। वहीं, कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत के अनुरूप, आधुनिक भारतीय इतिहास 2014 से आरंभ होना चाहिए। कपिल सिब्बल के ट्वीट पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने पाठ्यपुस्तकों से कुछ संदर्भों को हटाने के फैसले का बचाव किया और कहा कि कांग्रेस ने भारत के ऐतिहासिक तथ्यों से सबसे बड़ी जोड़तोड़ की है और भाजपा केवल अतीत के गलत कामों को सुधार रही है।