फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzaffarpur Hospital Fire : मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड पर सरकार का एक्शन, मांगी गई फायर सेफ्टी रिपोर्ट

Fri, 05 Jun 2026 02:18 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने मुजफ्फरपुर की घटना पर कहा, "घटना बहुत हृदयविदारक है.जन सुराज परिवार की ओर से हम मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं। जहाँ तक सरकार और स्वास्थ्य मंत्री की बात है तो यह कोई पहली ऐसी घटना नहीं है। चुनाव के बाद 50 से ज्यादा युवकों की देश के अन्य राज्यों में काम करते हुए मृत्यु हुई है। उसपर सरकार ने कोई टिप्पणी नहीं की। NEET की छात्रा की बलात्कार-हत्या हुई, उसपर सरकार ने कोई टिप्पणी नहीं की.अगर मुजफ्फरपुर पर सरकार ने कुछ नहीं कहा, तो सरकार ने पलायन पर ही कब बात की है?

बिहार के मुजफ्फरपुर में हाल ही में हुई आगजनी की गंभीर घटना के बाद राज्य का अग्निशमन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभाग ने राज्य के सभी निजी अस्पतालों और होटलों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। अग्निशमन विभाग ने सभी निजी अस्पतालों और होटल संचालकों से एक सप्ताह के भीतर सुरक्षा संबंधी विस्तृत रिपोर्ट जमा करने को कहा है। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों की जांच और निगरानी नहीं की गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।

निजी अस्पतालों के लिए जारी निर्देशों में विशेष रूप से विद्युत सुरक्षा पर जोर दिया गया है। सभी अस्पताल प्रबंधन को अपनी विद्युत व्यवस्था की जांच संबंधित बिजली कंपनी या अधिकृत एजेंसी से करानी होगी। इसके बाद उन्हें इलेक्ट्रिक लोड एनालिसिस सर्टिफिकेट प्राप्त कर अग्निशमन विभाग के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। इस प्रमाणपत्र के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अस्पतालों में बिजली का उपयोग निर्धारित क्षमता के अनुरूप हो रहा है और कहीं ओवरलोडिंग या खराब वायरिंग जैसी समस्याएं तो नहीं हैं। अक्सर अस्पतालों में बड़ी संख्या में चिकित्सा उपकरण, एयर कंडीशनर और अन्य विद्युत मशीनें लगातार संचालित होती हैं, जिससे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए विभाग ने इस जांच को अनिवार्य बनाया है।

वहीं दूसरी ओर, राज्य के सभी होटलों को भी सुरक्षा मानकों के पालन के लिए निर्देशित किया गया है। होटल प्रबंधन से यह जानकारी मांगी गई है कि उनके परिसर में कुल कितने गैस सिलेंडर मौजूद हैं और उनका उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक होटल को गैस सिलेंडरों की सही और सटीक संख्या बतानी होगी। इसके अलावा गैस भंडारण और उपयोग से जुड़े सुरक्षा उपायों की भी समीक्षा की जाएगी। माना जा रहा है कि रसोईघरों में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडरों का उपयोग होने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है, इसलिए इस पहल को सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अग्निशमन विभाग ने चेतावनी दी है कि जिन निजी अस्पतालों या होटलों द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट जमा नहीं की जाएगी या जिनकी रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी, गलत जानकारी अथवा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे संस्थानों को बिना किसी पूर्व नोटिस के सील किया जा सकता है। विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सरकार और प्रशासन चाहते हैं कि सभी संस्थान अग्नि सुरक्षा नियमों का पूर्णतः पालन करें ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके और लोगों की जान सुरक्षित रहे।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें