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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर में अवैध शस्त्र बेचने -खरीदने वाले 14 गिरफ्तार, पुलिस का बड़ा एक्शन!

Tue, 05 Aug 2025 01:57 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

थाना भोपा पुलिस ने बिहार के मुंगेर से खरीद कर यहां पिस्टल व अवैध हथियार बेचने वाले गिरोह के सरगना व उसके दो साथियों के साथ ही 11 खरीदारों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। उनसे 15 लाख के हथियार बरामद हुए। यह मांग के अनुसार एडवांस पैसे लेकर पिस्टल व अन्य हथियार उपलब्ध कराते थे। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस लाइन सभागार में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि भोपा पुलिस ने गांव नन्हेड़ी के रजबहे की पुलिया से 14 आरोपियों को पकड़ा। अभी तक यह गिरोह 60 पिस्टल बेच चुका है। गिरोह का सरगना फिरोज अपने साथी आशू व गुरुमन के साथ यह धंधा करता है। इस गिरोह ने अमरीश, केशव, हार्दिक, अक्षय, अमन, मोहित, माेनू, सलमान, रईसुदीन, संजीव को शस्त्र बेचने के लिए बुलाया था। सभी को पकड़ा गया।

तीनों शस्त्र सप्लायर एक साल से यह काम कर रहे हैं। वह बिहार के मुंगेर व अन्य स्थानों से अवैध शस्त्र खरीद कर लाते थे। अच्छी पिस्टल व एक लाख तक बेचते हैं। एक माह में तीन पिस्टल तक बेच देते थे। आमतौर पर मुंगेर से 25 हजार में खरीदी पिस्टल 50 हजार में बेचते थे। फिरोज, आशू व गुरुमन के खिलाफ विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हैं।
एसएसपी ने बताया कि दो दिन मेंं जिला पुलिस ने 28 शस्त्र बरामद कर 18 लोगों को पकड़ा है। इस गिरोह के संपर्क में रहने वालों की तलाश की जा रही है। पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम दिया जाएगा। कुछ पुलिसकर्मियों को एसएसपी से सम्मानित किया। एसपी देहात आदित्य बंसल, सीओ भोपा रवि शंकर मिश्रा व एसओ भोपा ओम प्रकाश सिंह मौजूद रहे। nशिक्षित हंै गिरफ्तार आरोपी : गिरोह के सरगना फिरोज ने रुड़की से गणित से बीएससी की शिक्षा पाई है। बरामद थार गाड़ी भी उसकी ही है। इसके अलावा आशु कक्षा बारह तक पढ़ने के बाद खेती करता था। अमरीश प्राॅपर्टी डीलर है। हार्दिक बीपीएड कर रहा है। केशव बीए करने के बाद खेती करता था। अक्षय ने बीए पास की है। बीए पास अमन ने मुर्गी फार्म खोला है। बीकॉम करने के बाद मोनू ने इलेक्ट्रानिक की दुकान खोली है। इसी तरह अन्य आरोपी भी शिक्षित है। सीओ भोपा ने बताया कि खरीदार युवक गिरोह बनाकर वर्चस्व बनाना चाहते थे। प्रधानी के चुनाव में अपने पक्ष के प्रत्याशी को फायदा पहुंचाना चाहते थे।

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