शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे हाल के दिनों में महायुति सरकार के खिलाफ काफी आक्रामक नजर आ रहे हैं। उन्होंने महायुति को "महा-झूठी" गठबंधन करार देते हुए आरोप लगाया है कि यह सरकार केवल भ्रष्टाचार और जुमलों पर टिकी है। हालिया बयानों (दिसंबर 2025) में उन्होंने दावा किया कि महायुति के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है और एक गुट के लगभग 22 विधायक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के संपर्क में हैं, जो जल्द ही पाला बदल सकते हैं। आदित्य ठाकरे ने विकास के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा के पास दिखाने के लिए अपना कोई नया काम नहीं है, इसलिए वे केवल पिछली सरकार (MVA) के समय शुरू किए गए प्रोजेक्ट्स के नाम बदलकर उन्हें अपना बता रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि महायुति सरकार मुंबई और महाराष्ट्र के संसाधनों को 'लूटने' का काम कर रही है और बुनियादी ढांचे (सड़कों की खराब हालत) पर ध्यान देने के बजाय केवल राजनीति में व्यस्त है।आदित्य ठाकरे ने कहा कि वर्ली सी लिंक या अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स के क्रेडिट के लिए सरकार "नाम बदलने की राजनीति" कर रही है।
पूर्व पर्यावरण मंत्री के रूप में उन्होंने महायुति पर 'विकास के नाम पर विनाश' करने का आरोप लगाया, विशेषकर पुणे की वेताल टेकड़ी और मुंबई के जंगलों से जुड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर। उन्होंने पुणे और मुंबई जैसे शहरों में शासन की कमी (Lack of Governance) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।
शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे स्थानीय निकाय चुनाव रैली में शामिल हुए। उन्होंने कहा, ". पिछले 3 साल में भाजपा ने शहरों का जो हाल किया है, हमने उसके खिलाफ आंदोलन किया है.यह तय है कि इस शहर में परिवर्तन होगा.2 भाई(महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री व शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और MNS प्रमुख राज ठाकरे) एक साथ आ रहे हैं तो भाजपा को क्यों दर्द हो रहा है। अगर हम जीतेंगे तो जनता जीतेगी और भाजपा जीती तो अडानी जीतेंगे. संभाजी नगर में भी हमारा ही भगवा लहराएगा