मध्यप्रदेश में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी है. ऐसे में गुना और शिवपुरी समेत कई जिलों में हालात बेहद खराब बने हुए हैं. गुना में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों में घरों में पानी घुस गया है. वहीं शिवपुरी में तेज बारिश के चलते सिंध नदी तूफान पर आ गई है, जिसके कारण कोलारस शहर सहित कई जगहों पर गांव पानी से गिर गए हैं. दोनों ही जिलों में सी ने रेस्क्यू ऑपरेशन जारी किया हुआ है. बता दें, गुना में पिछले 24 घंटे के दौरान 15 इंच से ज्यादा बारिश रिकार्ड की जा चुकी है. वहीं शिवपुरी के कोलारस में स्थित पचावली गांव में 27 स्कूली बच्चे बाढ़ में फंस गए, जिन्हें सेना ने करीब 30 घंटे बाद सुरक्षित निकाला. नर्मदा पुरम में भी नर्मदा नदी खतरे के निशान से करीब 1 फीट ही नीचे बह रही है. दूसरी ओर मुरैना में चंबल नदी खतरे के निशान से 3 फीट तक ऊपर बह रही है. प्रशासन ने आसपास के गांव में अलर्ट जारी किया है. हालांकि प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का दौरा बेहद कम देखा गया. सबसे ज्यादा बारिश जबलपुर में करीब 1 इंच रिकॉर्ड की गई.
इसके अतिरिक्त अन्य सभी जिलों में हल्की बारिश हुई. राजधानी भोपाल में सोमवार से जारी तेज बारिश का दौर बुधवार को थम गया. हालांकि लगातार हो रही बारिश के चलते बुधवार को बड़े तालाब का जलस्तर अपने फुल टैंक लेबल से सिर्फ 3.5 फीट ही काम है. मगर शहर के कई इलाकों में अभी भी जल भराव की स्थिति देखी जा रही है. प्रदेश में अब तक औसत से करीब 60% अधिक बारिश हो चुकी है. इस दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में 64% तो वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में 57% बारिश हुई है. मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए प्रदेश के गुना और श्योपुरकलां में वज्रपात के साथ अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी है.
वहीं विदिशा, राजगढ़, अशोकनगर, शिवपुरी, मुरैना, दमोह और सागर में बिजली गिरने के साथ अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही भोपाल, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर, सिंगरौली, सीधी, अनूपपुर, शहडोल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्ना में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी है. हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, दतिया, भिंड, रीवा, मऊगंज, सतना, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, मंडला, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में हल्की बारिश का दौर देखा जा सकता है. चंबल नदी का जलस्तर एक फिट घटा है, फिर भी खतरे के निशान से चार फीट ऊपर बह रही है. चंबल, क्वारी और आसन नदियों में उफान के कारण 91 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 70 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकाला गया. प्रशासन और पुलिस बाढ़ प्रभावित गांवों को खाली करा रही है.श्योपुर के आमल्दा गांव में बाढ़ के कारण खेतों में पड़े बोरिंग पाइप और अन्य सामान को बचाने निकले चाचा-भतीजे राजू यादव और शिवम यादव नदी के तेज बहाव में बह गए. दोनों का शव नदी किनारे लिपटे हुए मिला. घटना की जांच देहात थाना पुलिस कर रही है. मृतकों के परिवार में भारी शोक व्याप्त है महेश्वर में नर्मदा नदी का पानी अहिल्या किले की ऊपरी सीढ़ियों तक पहुंच गया है, आहिल्या घाट के शिवलिंग मंदिर और छतरियां भी जलमग्न हैं. ओंकारेश्वर बांध के 19 गेट खोलकर करीब 13 हजार क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया है. प्रशासन ने अलर्ट जारी कर नर्मदा स्नान और नाव विहार पर रोक लगाई, साथ ही तटीय इलाकों में प्रवेश बंद किया है.बारिश के मौसम में नर्मदा नदी के उफान के बीच सीहोर जिले के बुधनी घाट के पास बनी बस्ती में मगरमच्छ दिखने से स्थानीय लोग डर गए