महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। राज्यसभा सांसद और दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने शनिवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। अजित पवार के विमान हादसे में निधन के महज तीन दिन बाद सुनेत्रा पवार को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही वह महाराष्ट्र के इतिहास की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन गई हैं।
मुंबई के विधान भवन में शनिवार दोपहर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। इस बैठक में एनसीपी के 40 विधायक मौजूद रहे। बैठक से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने सुनेत्रा पवार से मुलाकात की थी, जिसके बाद यह साफ हो गया था कि पार्टी नेतृत्व पूरी तरह उनके साथ खड़ा है।
शाम पांच बजे महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। इस मौके पर महायुति सरकार के कई वरिष्ठ नेता, मंत्री और विधायक मौजूद रहे। अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद सरकार में खाली हुए पद को भरने को लेकर जो सस्पेंस बना हुआ था, वह शपथ ग्रहण के साथ खत्म हो गया।
अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी (अजित गुट) के नेतृत्व और पार्टी की भविष्य की दिशा को लेकर सवाल उठ रहे थे। ऐसे कठिन वक्त में पार्टी ने सुनेत्रा पवार को आगे बढ़ाकर स्पष्ट संकेत दिया है कि वह अजित पवार की राजनीतिक विरासत को संभालेंगी। पार्टी के नेताओं का मानना है कि इस फैसले से कार्यकर्ताओं में स्थिरता और भावनात्मक जुड़ाव बना रहेगा।
सुनेत्रा पवार का जन्म 1963 में उस्मानाबाद (अब धाराशिव) जिले में एक मराठी परिवार में हुआ। उन्होंने औरंगाबाद स्थित एसबी कॉलेज (अब छत्रपति संभाजीनगर) से बी.कॉम की पढ़ाई की। भले ही वह एक राजनीतिक परिवार से आती हों, लेकिन लंबे समय तक उन्होंने खुद को सक्रिय राजनीति से दूर रखा।
पवार परिवार से जुड़ने के बाद भी सुनेत्रा पवार ने सामाजिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया। बारामती के पास पवार परिवार के पैतृक गांव काठेवाड़ी में स्वच्छता और विकास से जुड़े कई काम उनके नेतृत्व में हुए। इन्हीं प्रयासों के चलते वर्ष 2006 में काठेवाड़ी को ‘निर्मल ग्राम’ का दर्जा मिला और गांव को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया।
साल 2008 में बारामती में स्थापित 65 एकड़ के हाईटेक टेक्सटाइल पार्क में भी सुनेत्रा पवार की अहम भूमिका रही। केंद्र सरकार की टेक्सटाइल पार्क स्कीम के तहत बने इस प्रोजेक्ट से आज करीब 15 हजार लोगों को रोजगार मिला है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं। इस परियोजना की अध्यक्षता भी सुनेत्रा पवार ने की।
सुनेत्रा पवार ने 1985 में अजित पवार से शादी की। यह रिश्ता राजनीतिक दोस्ती से शुरू होकर पारिवारिक संबंध में बदला। उनके दो बेटे हैं पार्थ पवार और जय पवार। पार्थ पवार 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, जबकि जय पवार फिलहाल राजनीति से दूर हैं।
आज, व्यक्तिगत दुख और राजनीतिक जिम्मेदारी के संगम पर खड़ी सुनेत्रा पवार न सिर्फ एनसीपी बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रही हैं।