लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र के पुरानिया इलाके में सोमवार को एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। हादसे पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। वहीं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक रविदास मेहरोत्रा ने इस घटना को केवल एक हादसा नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुई यह भयावह दुर्घटना अत्यंत दुखद है, जिसमें 15 छात्रों और युवाओं की जान चली गई तथा कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके अनुसार यदि सुरक्षा मानकों का सही ढंग से पालन किया गया होता और प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम उठाता, तो संभवतः इतनी बड़ी जनहानि नहीं होती।
रविदास मेहरोत्रा ने सरकार से मृतकों के परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों या परिजनों को खोया है, उनके लिए मौजूदा मुआवजा पर्याप्त नहीं है। सपा नेता ने मांग की कि मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। इसके अलावा उन्होंने घायलों के लिए 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग करते हुए कहा कि कई छात्र गंभीर रूप से घायल हैं और उनके इलाज तथा पुनर्वास के लिए बड़े आर्थिक सहयोग की आवश्यकता होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा घोषित वर्तमान सहायता राशि इस त्रासदी की गंभीरता के अनुरूप नहीं है।
सपा नेता ने घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि इस हादसे के लिए जो भी व्यक्ति, संस्था या अधिकारी जिम्मेदार पाया जाए, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना था कि केवल जांच के आदेश देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों की जवाबदेही तय कर उन्हें कानून के तहत सख्त सजा दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए प्रदेश भर के कोचिंग संस्थानों, शैक्षणिक भवनों और अन्य सार्वजनिक स्थलों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।