आज पूरे देश में श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। यह अवसर भगवान श्रीकृष्ण के 5252वें जन्मोत्सव का है। देशभर के मंदिरों और घरों में श्रीकृष्ण का भव्य श्रृंगार किया गया है और उन्हें तरह-तरह के पकवानों का भोग अर्पित किया जा रहा है। इस अवसर पर मथुरा, वृंदावन, द्वारका, जयपुर, पटना, कानपुर, और हैदराबाद सहित देश के कोने-कोने में स्थित मंदिरों को फूलों, लाइटों और रंगीन सजावटों से सजाया गया है। भक्तों ने माखनचोर के बाल रूप को नन्हें-नन्हें झूलों में बैठाकर झांकी के रूप में सजाया है।
उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और झांकियों का आयोजन हुआ। मंदिर में देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। साथ ही इस दौरान मंदिर में ऑपरेशन सिंदूर की भी झांकी देखने को मिली। वहीं बात अगर राजस्थान की राजधानी जयपुर की करें तो चितरकूट स्टेडियम में 'सामरस्य भारत सेवा संस्थान' द्वारा दही हांडी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। ‘गोविंदा पथकों’ ने मानव पिरामिड बनाकर मटकी फोड़ी और दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। बच्चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में आकर्षण का केंद्र रहे। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि, मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर पहुंचे। उन्होंने वहां गहरी आस्था और भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना की और भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने बाल गोपाल के झूले को श्रद्धापूर्वक झुलाया और श्रद्धालुओं के बीच बैठकर भजन-कीर्तन का भी आनंद लिया। पूरे मंदिर परिसर को इस अवसर पर दिव्य सजावट से सजाया गया था। फूलों, दीपों और रंग-बिरंगी लाइटों की झिलमिलाहट से वातावरण भक्तिमय बना हुआ था।
बिहार की राजधानी पटना में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की जबरदस्त धूम देखने को मिला। इस दौरान पटना स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी के मौके पर भव्य आरती और झांकियों का आयोजन हुआ। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया था और भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं की झलकियां प्रस्तुत की गईं।