कोलकाता के लॉ कॉलेज में 24 वर्षीय छात्रा के साथ हुई दरिंदगी के किस्से पूरे देश में गूंज रहे हैं। वहीं, अब इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग भी एक्टिव हो गया है। महिला आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने आज साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज का दौरा किया है। लॉ कॉलेज के पहुंची अर्चना मजूमदार ने दावा किया है कि पुलिस ने उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं दी है और न ही पीड़िता के बारे में कुछ बताया है। अर्चना मजूमदार के अनुसार, "महिला आयोग पीड़िता के साथ है। जब तक पीड़िता चाहेगी महिला आयोग उसकी मदद करेगा। उसके माता-पिता से बात करना भी जरूरी है। यह NCW की जांच का हिस्सा है।" ऐसे में महिला आयोग न सिर्फ पीड़िता बल्कि माता-पिता से भी बात करता है। जांच के दौरान यह जानने की कोशिश की जाती है कि उन्हें किस चीज की जरूरत है। साथ ही उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जाती है और पढ़ाई में भी मदद की जाती है।
हालांकि लॉ कॉलेज में दौरे पर अर्चना मजूमदार को पुलिस से बातचीत करते हुए भी देखा गया। इस दौरान कोलकाता पुलिस के ACP भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने अर्चना मजूमदार समेत अन्य दो सदस्यों के मोबाइल नंबर नोट किए और फिर उन्हें लॉ कॉलेज में एंट्री मिल गई। इस दौरान उन्हें किसी भी तरह की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी करने की इजाजत नहीं दी गई। अर्चना मजूमदार का आरोप है कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने महिला आयोग की जांच में सहयोग नहीं किया। उनसे केस से जुड़ी जानकारियां साझा नहीं की गईं। अर्चना ने कहा, "मैं अपनी रिपोर्ट में लिखूंगी कि हमें हमारा काम ठीक से नहीं करने दिया गया।" बता दें कि लॉ कॉलेज गैंगरेप मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों समेत सिक्योरिटी गार्ड को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए 5 सदस्यों की SIT का गठन किया है। घटना के मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा का भी TMC से कनेक्शन है, जिसे लेकर बीजेपी ने सत्तारूढ़ पार्टी TMC पर सवाल खड़े किए हैं।वहीं साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज की एक छात्रा के साथ हुए गैंगरेप केस में पुलिस ने कॉलेज परिसर को पूरी तरह से सील कर दिया है. यह कदम सबूतों के संरक्षण और मामले की गहन जांच के लिए उठाया गया है. इस अपराध में तीन आरोपियों मनोजित मिश्रा, जैब अहमद और प्रमित मुखोपाध्याय को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. ये तीनों फिलहाल 1 जुलाई तक पुलिस हिरासत में हैं. पुलिस ने शनिवार को इस मामले में कॉलेज के सुरक्षा गार्ड पिनाकी बनर्जी को भी गिरफ्तार कर लिया. माना जा रहा है कि वह घटना के समय मौजूद था और उसकी भूमिका संदिग्ध है.