केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "हमारी पार्टी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव शुरू किया। हम सभी विपक्ष के नेता राहुल गांधी का भाषण सुनने के लिए बैठे थे। लेकिन शुरू से ही राहुल गांधी ने नियमों का उल्लंघन किया और एक ऐसी किताब से कोट करना शुरू कर दिया, जिसके पब्लिकेशन और ऑथेंटिसिटी के बारे में साफ तौर पर कुछ नहीं बताया गया है। रक्षा मंत्री और हम सभी ने कहा कि सदन नियमों के अनुसार चलेगा और सभी को नियमों के अनुसार ही बोलना चाहिए.कोई भी चेयर को चुनौती नहीं दे सकता। लोकसभा स्पीकर के फैसले के बाद भी, राहुल गांधी वही गलती दोहराते रहे.
उन्होंने आधा घंटा बर्बाद किया, नियमों का उल्लंघन किया और वही बातें दोहराते रहे। उन्होंने चीन सीमा के बारे में बोलना शुरू कर दिया..क्या कांग्रेस पार्टी वह ज़मीन वापस ला सकती है जो 1959 और 1962 में चीन ने कब्ज़ा कर ली थी?.राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए.अगर कोई जाने-माने परिवार में पैदा होता है, तो क्या वे संसद से ऊपर है? क्या वे नियमों से ऊपर हैं? भारत एक लोकतांत्रिक देश है और नियमों के अनुसार चलता है. राहुल गांधी किसी नियम का पालन नहीं करते। वे खुद को संसद से ऊपर समझते हैं। कांग्रेस के सीनियर नेता खड़े हो गए और तालियां बजाने लगे... राहुल गांधी को अपने दिमाग का इस्तेमाल करना चाहिए और अपने सांसदों को नियमों का पालन करने के लिए समझाना चाहिए। यह मेरी उनसे गुजारिश है। उन्हें चीन सीमा के संबंध में कांग्रेस के पाप के लिए माफी मांगनी चाहि
केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "हमें इस बात पर भी चर्चा करनी चाहिए कि लोकसभा में स्पीकर के फैसले को न मानने वाले सदस्य के साथ क्या किया जाना चाहिए," जबकि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी चीन का बिना लिस्ट वाला मुद्दा उठाते रहे और सदन के नियमों के खिलाफ जाकर एक मैगज़ीन आर्टिकल से कोट करने की कोशिश करते रहे।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री हमारी पार्टी, पार्टी नेताओं और हमारे राष्ट्रवाद पर सवाल उठाते हैं। यह लेख पीएम के चरित्र के बारे में लिखता है... यह न तो चीन के बारे में है, न ही पीएम के बारे में."लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने आपत्ति जताई और अगले स्पीकर अखिलेश यादव को बुलाया