केरल के 7 जनपदों में स्थानीय निकाय चुनावों के पहले चरण के लिए मंगलवार को मतदान शुरू हो गया है। कई लोग इन चुनावों को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाले मान रहे हैं। जिन सात जिलों में मतदान हो रहा है, उनमें तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलप्पुझा, कोट्टयम, इडुक्की और एर्नाकुलम शामिल हैं। स्थानीय निकायों के लिए मतदान सुबह सात बजे से शुरू हुआ और शाम छह बजे तक जारी रहेगा। शेष जिलों त्रिशूर, पलक्कड़, कोझिकोड, मलप्पुरम, कन्नूर, वायनाड और कासरगोड में मतदान 11 दिसंबर को होगा। चुनाव आयोग के अनुसार, 1,32,83,789 मतदाता 23,576 वार्डों में 75,632 उम्मीदवारों के चुनाव नतीजे तय करेंगे। इन चुनावों के दो चरणों में सभी 1,199 स्थानीय निकायों के नतीजे 13 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।इन चुनावों को अगले साल होने वाले राज्य के विधानसभा चुनाव का सेमी-फाइनल माना जा रहा है। सभी प्रमुख पार्टियों का दावा है कि उन्हें मतदान में बढ़त हासिल है। विपक्षी कांग्रेस पार्टी इस उम्मीद में है कि सबरीमाला में सोना गायब होने का हाई-प्रोफाइल मामला जनता को उसके पक्ष में वोट डालने के का काम करेगा।
वहीं, माकपा के नेतृत्व वाला सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) विकास योजनाओं और कल्याण पेंशन के अपने रिकॉर्ड के भरोसे समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है। भाजपा राज्य में अधिक पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। वह सबरीमाला मंदिर के प्रबंधन जैसे संवेदनशील धार्मिक मुद्दों पर जोर देते हुए प्रचार कर रही है। केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी अपनी पत्नी राधिका नायर के साथ तिरुवनंतपुरम में केरल स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदान करने मतदान केंद्र पहुंचे। केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने कहा, लोग हमें निगम की जिम्मेदारी सौंपेंगे ताकि हम उनकी पसंद के अनुसार काम करें और शहर के लिए उनके सपनों को साकार करें। हम रास्ते सही करेंगे।केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता वीडी सतीशन कोच्चि में केरल स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदान किया। सतीशन ने कहा, हमें उम्मीद है कि यूडीएफ शानदार जीत के साथ वापसी करेगी क्योंकि केरल में लंबे समय से सत्ता विरोधी लहर है। मैंने राज्य के लगभग सभी 14 जिलों का दौरा किया है। हमने चुनावों के लिए बेहतरीन तैयारी की है और एलडीएफ पर अच्छे अंतर से जीत की उम्मीद जताई जा रही है।